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सर्वकोश
सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara

सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा

DevanagariHindipublished609 पृष्ठ

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२३४ सिद्धान्त दर्पण
एवं स्यादसकृत्कर्म चक्र भार्द्ध समीकृते
ततस्तत्काल जात्यातात् साध्यः सूर्येन्दु सायकः । १९ ।
इस प्रकार बार बार करने से सायन रवि और सायन चन्द्र का योग चक्र या
चक्रार्द्ध के समान हो जायेगा । इसके बाद चन्द्र के सूक्ष्म शर का साधन करेंगे ।
भू पृष्ठ निष्ट दृष्टीना मत्राप्य नु प योगतः
नैव कार्येन्दु दृक् कर्म लम्बनावनति क्रिया । २० ।
ये सभी योग आंख से नहीं दीखने के कारण चन्द्र में आक्षं, आयन कर्म या
लम्बन, नति कर्म नहीं किया जायेगा । भूकेन्द्र दृष्टि से ही पात का साधन किया
जायेगा ।
सूर्य सिद्धान्ते- अथौ ज पद गस्येन्दोः क्रान्ति विक्षेप संस्कृतः
यदास्यादधिका भानोः क्रान्तेः पातो गतस्तदा । २१ ।
(सूर्य सिद्धान्त में) विषम वृत्तपाद (प्रथम और तृतीय) में चन्द्र की शर संस्कृत
क्रान्ति (स्फुट क्रान्ति) सूर्य की क्रान्ति से अधिक होने पर पात बीत चुका है ऐसा
समझेंगे ।
ऊना चेत्स्यात्ततो भावो वामं युग्मपदस्य च
यदाल्पत्वं विधोः क्रान्तिर्विक्षेपाच्छेद वि शुद्ध्यति । इति । २२ ।
विषम पाद के चन्द्र की स्फुट क्रान्ति सूर्यक्रान्ति से कम होने का अर्थ है कि
पात आने वाला है । समवृत्त पाद (२ य तथा चतुर्थ) के चन्द्र की स्फुट क्रान्ति
सूर्य क्रान्ति से अधिक होने का अर्थ है कि पात होने वाला है, कम होने का अर्थ
है कि पात बीत चुका है । (उद्धरण समाप्त)
गोलज्ञैः सकलं ज्ञेयं गणकै र्वासना बलात्
गतैष्यत्वं हि बालानां बोधाय गणितक्रमः । २३ ।
गोल ज्ञान वाले गणक तर्क द्वारा पात होने वाला है या हो चुका है यह जान
सकते हैं । किन्तु अज्ञ लोगों के ज्ञान के लिये गत और गम्य गणित क्रिया लिखी
गयी है ।
योगभार्द्धन्वयोः सिद्धा यदा समकलीकृतिः
तत्कालतो गते पाते संशोध्या, षष्टिनाड़िकाः । २४ ।
जब रवि और चन्द्र की राशि का योग चन्द्र या चक्रार्द्ध की कला के बरा
बर हो जाय, तब यदि पात बीत चुका है, उस समय से ६० दण्ड घटायेंगे ।
गम्यतास्तत्र संयोज्याः पुनस्तत्काल सम्भवैः
सूर्येन्दुपात विशिखैः साध्यं क्रान्त्यान्तरं तयोः । २५ ।
पात यदि होने वाला है तो उस समय में ६० दण्ड जोड़ेंगे । इस समय का