सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)
Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara
सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंग्रहर्क्षोदयास्तसमय वर्णनम् २१५
गजाक्षिभि (११/२८) शिवा बाणै (११/५) रुद्रा (११) रुद्रभुवे (११/१)
तिच बुधस्य भूपा गिरिशै (१६/११) स्तिथयो नव वह्निभिः (१५/३९) । ६४ ।
उत्कल में वृहस्पति क्षेत्रांश-सायन संस्कृत रवि ४-९ राशि में -११°/२८'
,, ५-८ राशि में -११°/५'
,, ६-७ ,, - ११°/०'
बुध काक्षेत्रांश -सायन संस्कृत रवि १-१२ राशि में रहने पर -१६°/११'
,, २-११ राशि में,, - १५°/३०'
इन्द्रारदैः (१४/३२) र्गुणभुवोऽङ्गाग्निभि (१३/३६)
र्विश्व के नगैः (१३/७) विश्वे (१३) विश्वभुवा (१३/१)
कैस्तु धृतयो रस सायकै (१८/५६) । ६५ ।
बुधक्षेत्रांश-सायन संस्कृत रवि ३-१० राशि में -१४°/३२'
(उत्कल में) ,, ४-९ राशि - १३°/३६'
,, ५-८ ,, ,, - १३°/७'
,, ६-७ ,, - १३°/०' तथा १३°/१'
शनि क्षेत्रांश -सायन संस्कृत रवि १-१२ राशि में -१८°/५६'
धृतयश्च नृपै (१८/१६) र्भूपा गुणबाणैः (१६/५३) शरेन्दवः ।
कृतवेदैश्च (१५/४४) तिथयोदन्तिभि (१५/८) स्तिथयःपुनः । ६६ ।
शनिक्षेत्रांश सायन संस्कृत रवि २ ११ राशि में -१८°/२६'
,, ३-१० राशि में -१६°/५३'
(उत्कल में),, ,, ४-९ ,, - १५°/४४'
,, ५-८ ,, - १५°/८'
,, ६-७ ,, - १५°/०', १५°/१'
तिथयः एक (१५/१) भौमस्य भूदृशो नयनाब्धिभिः (२१/४२)
नखास्त्र्यक्षै (२०/५३) र्नवभुवः शके (१९/१४) बर्हिशरैर्घनाः (१७/५२) ।६७।
मंगल का क्षेत्रांश-सायन संस्कृत रवि १-१२ राशि में -२१°/४२ '
(उत्कल में) ,, २-११, , - २०°/५३'
,, ३-१० ,, - १९°/१४'
,, ४-९ ,, - १७°/५२'
घनादिग् भि (१७/१०) र्घना (१७) एव घन रूपेण (१७/१) सम्मताः
अस्तोदय ध्रुवाः स्पष्टा मध्यैः पञ्चमजाः समाः । ६८ ।
मंगल क्षेत्रांश-सायन संस्कृत रवि ५-८ राशि में १७°/१०'
(उत्कल में) ,, ,, ६-७ ,, - १७°/०', १७°/१'
५ राशि में जो अस्तोदय ध्रुव होगा वह मध्यम क्षेत्रांश के समान होगा (६ ठी
और ७-वीं राशि का क्षेत्रांश का अन्तर १' लिखा गया है )