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सर्वकोश
सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara

सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा

DevanagariHindipublished609 पृष्ठ

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पृष्ठ 307

२०८ सिद्धान्त दर्पण
या या बिम्ब विलिप्तानां संख्यापद यदि मार्द्धगा
तत्तदस्तोदयांशानां संख्यान्त्याङ्केषु गृह्यताम् । १८ ।
बिम्ब विलिप्ता की जो जो संख्या, पद या आधा है उसके निकट की संख्या
को कालांश के रूप में समझना चाहिये ।
रूपं (१) सपादं (१/१५) सार्द्धञ्च (१/३०)
सत्रिपादं (१/४५) विलोचने (२) सिद्धास्त्रिपक्षा
(२३) दृक् पक्षाः (२२) क्षितिपक्षाः (२१)
ख पक्ष काः (२०) । १९ ।
बिम्ब मान कालांश मान १"/३०-२२
१"/० २४ १"/४५-२१
१"/१५ २३ २"-२०
सार्द्ध पक्षौ (२/३०) गुणा (३) वेदा (४) विशिखा (५)
ऋतवो (६) गद्विप (७) अंकैकः (१९) धृतयो (१८)
ऽत्यष्टि (१७) र्धन (१७) भूपाः (१६) नृपा (१६) स्तथा । २० ।
२"/३०-१९,। ३"/१८/४"-१७/ ५"-१७/६"-१६,/७"-१६
अष्टा (८) वंका (९) दिशो (१०) रुद्रा (११), विवस्वन्तो
(१२) गुणेन्दवः (१३) तिथय (१५) स्तिथयो (१५) ऽर्थक्ष्माः
(१५) शक्राः (१४) शक्राः (१४) कृतेन्दवः (१४) । २१ ।
८"-१५/९'-१५।१०"-१५।" ११"-१४। १२"-१४"।१३'-१४
मनव (१४) स्तिथयो (१५) भूपा (१६) घनाः (१७) ऽष्टै
का (१८) नवेन्दवः (१९) विश्वे (१३ ) विश्वे (१३)
त्रिपाणि (१३) सूर्याः (१२) सूर्याः (१२) प्रभाकराः (१२) । २२ ।
१४"-१३।१५"-१३।१६"-१३।१७"-१२।१८ "-१२।१९"-१२
नखः (२०) कुपक्षा (२१) दृक् पक्षा (२२) स्त्रक्ष्याद् यष्ट
भुजान्तकाः (२३।२४।२५।२६।२७।२८) रुद्रा (११) रुद्रा (११)
शिवा (११) श्चाथ हरितः (१०) परिकीर्त्तिताः । २३ ।
२०'-११।२१"-११।२२"-११।२३"- १०।२४"
-१०। २५"-१० २६"-१०।२७"-१०। २८"-१०
अथोनत्रिंशत श्चत्वारिंशदन्त विलिप्तिकाः (
२९।३०।३१।३२।३३।३४।३५।३६।३७।३८।३९।४०)
नव कालांशका (९०) एवं श्लोकार्द्ध रवि भि (१२) र्मताः । २४ ।
बिम्बमान की विकला का मान (२९" से ४०") तक हो तो इन सभी बारह
बिकलाओं की कालांश ९ होता है ।