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सर्वकोश
सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara

सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा

DevanagariHindipublished609 पृष्ठ

पृष्ठ 304, कुल 609 में से

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पृष्ठ 304

त्रयोदशः प्रकाशः
ग्रहक्षोंदयस्तसमय वर्णनम् ।
अथ ग्रहाणामृक्षाणां उदयास्त समयो ब्रुवे
स्थौलादिक्रौस्व केन्द्रांशै रत्रसूक्ष्म तया पुनः । १ ।
अब ग्रह और ताराओं के उदय और अस्त का वर्णन करता हूँ । स्फुटाधिकार
में अपने अपने केन्द्रांश के अन्तर से ग्रह के उदय और अस्त के बारे में स्थूल रूप
से कहा गया है ।
उदयास्त मयो द्वैधा नित्यौ नैमित्ति का वपि
प्रवहारूय मरुद् प्रान्त ज्योति क्रान्ति श्चवेश्मनाम् । २ ।
नित्य (प्रतिदिन) और नैमित्तिक (मुहूर्त सम्बन्धी या दृश्य) भाव से उदय और
अस्त के दो प्रकार है । प्रथम प्रकार है जिसमें प्रवह वायु से घुमाये हुए (पृथ्वी
की दैनिक गति के कारण) ग्रह और नक्षत्र-
उदयास्तमयो नित्यै भवतः प्राक् पराश्रयोः
वक्षे नैमित्तिकौ सूर्य सन्निकर्ष भवाविमौ । ३ ।
प्रतिदिन पूर्व में उदय और पश्चिम में अस्त होते हैं । इसे नित्य या प्रात्यहिक
कहा जाता है । सूर्य के निकट वर्ती होने के कारण ग्रह का अस्त (दिन के प्रकाश
में नहीं दीखते हैं ।) या दूर होने के कारण उदय को ग्रह नक्षत्रों का नैमित्तिक
उदयास्त कहते हैं ।
सूर्य सिद्धान्ते-सूर्यादभ्यधिका, पश्चादस्तं जीवकुजार्कजाः
ऊनाः प्रागुदयं यान्ति ज्ञशुक्री वक्रिणौ तथा । इति । ४ ।
सूर्य सिद्धान्त के अनुसार - मंगल, गुरु और शनि सूर्य से अधिक (राश्यादि)
होने पर पश्चिम में अस्त होते हैं । रवि से कम होने पर ये पूर्व में उदय होते हैं ।
वक्री बुध और शुक्र भी रवि से अधिक होने पर पश्चिम में अस्त और कम होने
पर पूर्व में उदय होते हैं ।
अत्राधिकोनतो ज्ञेया निकटे प्राक् पर स्थितेः
अधिको मेष गस्तस्मादू नोमीन गतो मतः । ५ ।
यहां अधिक-कम का अर्थ सिर्फ राशि से नहीं है । रवि के निकट यदि ग्रह
आगे हो तो उसे अधिक, पीछे हो तो कम कहलाता है । उदहरणतः मीन ग्रह से
मेष का रवि अधिक गिना जायेगा । क्योंकि मीन के तुरन्त बाद मेष राशि है ।
संख्या की दृष्टि से मीन सबसे अधिक है लेकिन मेष के निकट नहीं है, पूरे चक्र
के अन्त में आयेगा ।