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सर्वकोश
सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara

सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा

DevanagariHindipublished609 पृष्ठ

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भ ग्रह योग वर्णनम् १९७
सप्तर्षि मण्डला याम स्त्रयब्धि (४३) कालांश कोऽपि यत्
सायनांश तुलाकन्या स्थित्यांगोऽब्ध्यंश (४६) इक्ष्यते । ५२ ।
सप्तर्षि मण्डल की पूर्व से पश्चिम दिशा में लम्बाई ४३ कालांश होने पर भी
सायन कन्या और तुला राशि में उसकी स्थिति के कारण यह लम्बाई (४६) अंश
दीखती है ।
क्रान्त्यन्तात्सौम्य बाणांशा लिख्यन्तेऽङ्गशराः (५६) क्रतोः ।
पुलहस्यैक पञ्चाशत् (५१) पुलस्त्यस्याग्नि सायकाः (५३) । ५३ ।
क्रतु का क्रान्तिवृत्त से ध्रुव प्रोत वृत्त पर उत्तर शर (५६°) अंश है । पुलह
का (५१°) तथा पुलस्त्य का (५३°) है ।
अंक पत्रिण (५९) एवात्रेः षष्टि (६०) रंगिरसोमता ।
द्वाषष्ट्यंशा (६२) वशिष्ठस्य मरीचेः षष्टि (६०) रीक्षिता । ५४ ।
अत्रि का (५९°), अंगिरा का (६०°), वशिष्ठ का (६२°) और मरीचि का
(६०°) उत्तर शर दीखता है ।
सर्वदायं शरः क्रान्ते र्यदि तुल्यो भवेत्तदा
युग्मान्तर वशिष्ठः स्यात् चतुर्भागान्तरो ध्रुवात् । ५५ ।
यदि क्रान्ति से वशिष्ठ का शर सर्वदा समान रहे तो यह युग्मान्त (मिथुन
अंत) में रहने के कारण ध्रुव से ४° पर रहेगा । वशिष्ठ का उत्तर या सौम्य शर
६२ युग्मान्त की क्रान्ति २४° कुल ८६°, अतः ध्रुव ९०° से अन्तर ५° हुआ ।)
स्फुट क्रान्ते र्महर्षीणां तुल्यता यदि सर्वदा
तदा राश्यन्तर प्राप्तौ विक्षेपो भिन्नतां व्रजेत् । ५६ ।
सप्तर्षियों में प्रत्येक की स्फुट क्रान्ति सदा समान रहने पर भी, वे अन्य राशि
में जाने पर उनका शर बदलता है ।
यमागस्त्य स्फुट क्रान्ते र्यथा साम्यं सदेक्ष्यते ।
दस्त्रादीनाञ्च वैषम्यं तथैषां नेक्षितोऽपमः । ५७ ।
यम और अगस्त्य की स्फुट क्रान्ति सदा समान होती है । अश्विनी आदि
नक्षत्रों की क्रान्ति सदा बदलती है । सप्तर्षि मण्डल की क्रान्ति कभी सम कभी
असमान होती है ।
प्रत्यब्द प्राग् गतिः प्रोक्ता पुराणे रष्ट लिप्तिका
तेषां नो निश्चिता पूर्वा नुभावा दर्शनान्यथा । ५८ ।
पूर्व आचार्यों से सप्तर्षिमण्डल की पश्चिम से पूर्व गति वर्ष में ८ कला मानी
है । पर मैने (लेखक) यह गति नहीं देखी है । अतः इसे नहीं मानता हूँ ।