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सर्वकोश
सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara

सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा

DevanagariHindipublished609 पृष्ठ

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१९२ सिद्धान्त दर्पण
इन्द्र (१८) गोविन्द (२२) मित्रा (१७) ग्नि (३) जीवानां (८) मध्यगा मताः ।
आदित्या (७) दित्य (१३) दैत्यानां (१९) ईशान दिग वस्थिताः । २० ।
१९. ज्येष्ठा, २२. श्रवण, १७. अनुराधा ३. कृत्तिका, ८. पुष्य इन नक्षत्रों का
योग तारा नक्षत्र के मध्य में । ७ पुनर्वसु, १३. हस्त, १९ मूल-इनका योग तारा
नक्षत्र के ईशान दिशा में है ।
वित्त (२३) स्याभिजितः (०) पश्चात् पूर्वस्या ब्रह्म (४) सर्पयो (९)
याम्या स्थूलापितुः (१०) पूषा यमा (२) र्यमणाञ्च (१२) दक्षिणाः । २१ ।
२३. धनिष्ठा और अभिजित् (०) का योग तारा नक्षत्र के पश्चिम में है । ४.
रोहिणी और ९. अश्लेषा का योग तारा पूर्व में है । १० मघा का योग तारा अत्यन्त
स्थूल है और नक्षत्र के दक्षिण में है । २७ रेवती, २. भरणी और १२ . उत्तराफाल्गुनी
का योगतारा नक्षत्र के दक्षिण में है ।
कुपीटयोनि काष्ठायां योगतारा प्रचेतसः (२४)
शंकर त्वष्ट्र वातानां (६,१४,१५) स्वरूपाण्य के भावतः । २२ ।
२४. शतभिषा का योगतारा आग्नेय कोण में है । ६. आर्द्रा, १४ . चित्रा और
१५. स्वाती में एक ही तारा अतः इनके योगतारा और नक्षत्र पुञ्ज में कोई अन्तर
नहीं है । योगतारा का ही ध्रुव और शर, नक्षत्र का ध्रुव और शर होता है ।
योगतारा विलिप्तास्तु सूक्ष्मा, क्रमान् मानतः षड् (६) भुजौ
(२) वह्वयः (३) समयः (७) ईक्षणे (२) क्ष्माभृतः (७)
कुञ्जरा (८) लोचने (२) सिन्धवः (४) षड् (६)
गुणा (३ ) वार्द्धय (४) तथाब्धयः । २३ ।
योगताराओं की सूक्ष्म बिम्ब कला (विलिमा में) कही जाती है । १. अश्विनी
(६) २ भरणी (२) ३. कृत्तिका (३) ४. रोहिणी (७) ५. मृगशिरा (२) ६. आर्द्रा
(७) ७ पुनर्वसु (८) पुष्य (२) ९. अश्लेषा (४) १० मघा (६) ११. पूर्वाफाल्गुनी
(३) १२. उत्तरा फाल्गुनी (४) १३. हस्त (४)
सैन्धवा (७) स्त्रीन्दव (१३) श्रुक्षुषो (२) सिन्धवः (४) ।
सप्त (७) पञ्चा (५) ब्धय (४) श्रान्धयो (४) ऽ ब्धोन्दवः । (१४)
वाजिनः (७) पावका (३) वीति होत्राः (३) कृता (४)
अर्णवा (४) वह्वयः (३) श्चेति दस्रादितः । २४ ।
१४. चित्रा (७) १५. स्वाती (१३) १६. विशाखा (२) १७. अनुराधा (४ ) १८
ज्येष्ठा (७) १९. मूल (५) २०. पूर्वाषाढ़ (४) २१. उत्तराषाढ (४) ०. अभिजित् (१४)
२२. श्रवण (७) २३. धनिष्ठा (३) २४. शतभिष (३) २५. पूर्वाभाद्रपद (४) २६ उत्तर
भाद्रपद (४) २७. रेवती । (३) ।