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सर्वकोश
सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara

सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा

DevanagariHindipublished609 पृष्ठ

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पृष्ठ 287

द्वादशः प्रकाश
भ ग्रह योग वर्णनम्
अथ भ ग्रह योगाय भानां वक्ष्ये ध्रुवान् शरान्
संख्याकारान् योगताराः सांगानां बिम्ब विस्तृतो । १ ।
तारा और ग्रह योग जानने के लिये अश्विनी आदि तारागणों का क्रान्ति
वृत्तीय ध्रुव राशि आदि, उनका आकार और संख्या, प्रत्येक का योग तारा (प्रशस्त
तारा और उनका शर और इस योग तारा का बिम्ब विस्तार इस प्रकार के आरम्भ
में कहा जाता है ।
द स्रादीनां ध्रुवांशा स्युर्व्यङ्घ्रि काष्ठाः
(१।९।४५) कुबाहव । (२।२१)
सपादेद्व्यग्नयः (३-३५।१५) सार्द्ध षडवेदाः
(४) ४६।३०) सांघ्रि खर्त्तवः । (५-६०/१५) । २ ।
अश्विनी आदि नक्षत्रों का ध्रुवांश (क्रान्ति वृत्त में मेष ०° से दूरी ) इस प्रकार
है- १. अश्विनी ९।४५, २. भरणी, २१ ३. कृत्ति का ३५।१५ ४. रोहिणी-४६/३०.
५ मृगशिरा ६०/१५
शरषट् (६-६५) सांघ्रि शून्यां काः (७-९०/१५)
कृताशा (८-१०४) वसुखेन्दवः (९-१०८)
रसाकाँ: (१०-१२६) सार्द्धवह्नीन्द्रा (११-१४३/३०)
राम बाणाहिमांशव (१२-१५३) । ३ ।
६. आर्द्रा (६५), ७. पुनर्वसु (९०।१५) ८. पुष्य (१०४), ९. अश्लेषा (१०८)
१०. मघा (१२६), ११. पूर्वाफाल्गुनी (१४३) १२. उत्तराफाल्गुनी (१५३)
शरभूपा (१३-१६५) नवघनाः (१४-१७९) त्रिनन्द सितमानव, (१५-१९३)
नगाभ्रपक्षाः (१६-२०७) सार्द्धाष्टभूभुजां (१७-२१८/३०) रसट्टग् दृशः । ४ ।
१३. हस्त (१६५) १४. चित्रा (१७९), १५. स्वाती (१९३), १६. विशाखा, (२०७)
१७. अनुराधा (२१८।३०) ।
अद्दोना (१८-२२५/३०) रूयंशहीनेन्दुसिद्धः
(१९-२४०।४०) खशरबाहवः (२०-२५०)
अर्द्धयुक् तर्क तत्वानि (२१-२५६/३०)
दलोना द्रीषु बाहवः ( १-२५६/३०) । ५ ।
१८. ज्येष्ठा (२२५/३०) १९. मूल (२४०/४०) २०. पूर्वाषाढ़ ( २५०) २१. उत्तराषाढ़
(२५६/३०), ०, अभिजित् (२५६ /३०)