सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)
Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara
सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंचन्द्र ग्रहण वर्णनम् १४१
याम्यायनान्त हरति ध्रुवतो यदेव
स्थानं दलोन कृत बाहु (२३।३०) तवान्तरस्थम् ।
तत्प्रोदितं ध्रुव कदम्ब इति ग्रहाणां
क्रान्ते स्तदुत्तर दिशो निरचापि चिह्नम् । ६६ ।
उत्तर की ध्रुव से दक्षिण अयन को तरफ अयन प्रोत वृत्त (वृहद् वृत्त जो
क्रान्ति वृत्त के सबसे दक्षिणी विन्दु तक जाता है ) पर (२३° ३०') दक्षिण की
तरफ ग्रहों का (क्रान्ति वृत्त जिसमें ग्रह घूमते हैं) ध्रुव कदम्ब होता है । यह क्रान्ति
वृत्त का उत्त दिशा में पृष्ठ केन्द्र है ।
तद् व्यस्त दिग् विनिहितो समदिक् कदम्ब
स्तर्क्यः कदम्ब दनुजादिशिखः कलम्बः ।
तत्पार्श्व को ह्यपम सम्मुख एव बिम्ब
प्राग् याति सर्वस्व शशिनेऽविलम्बः । ६७ ।
क्रान्ति वृत्त से उल्टी (दक्षिणी) दिशा में पृष्ठ केन्द्र जो दक्षिणी ध्रुव से अयन
प्रोत वृत्त पर उतना (२३° ३