सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)
Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara
सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा
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सूर्य का दिन परिणाम कहा जा चुका है । चन्द्रम के उदय से उसके अस्त
तक का समय चन्द्र दिन होता है । सूर्य के दिनान्त में रवि और चन्द्रस्फुट कर
उसमें अयनांश जोड़ते हैं । रवि और चन्द्र की अपनी अपनी शशि के
रवे भुक्ताः शशिनो गता लवा निजोदयाघ्नाः खगुणे (३०) हृता फले
तदन्तरो त्थास्त नवश्वषट् शरा (५६) सवश्व युक्ता घटिका ऽह्वये । ६१ ।
रवि का भाग्यांश तथा चन्द्रमा भुक्त अंश उन राशियों के उदयासु से गुणा
कर ३० से भाग देंगे । जो दो उदयासु आयेंगे उनमे रवि राशि से चन्द्रमा की
राशि के बीच की राशियों के उदयासु जोड़ेंगे । योगफल में ५६ असु जोड़कर
३६० से भाग देकर घटिका बनायेंगे ।
दिनादिवस्तत्र भवेद् विधूदय पदद्युर र्कोदय कालिकौ स्तया
विधाय सूर्यस्य सषड्भ शीतगो समेग्रह भुक्त लवोदयन्तरम् । ६२ ।
सूर्योदय से इतनी घटिका के बाद चन्द्रमा का उदय होगा । चन्द्र अस्त काल