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सर्वकोश
सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara

सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा

DevanagariHindipublished609 पृष्ठ

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१२४ सिद्धान्त दर्पण
किस लग्न का कितना उत्कल (मध्य) में बीतता है यह लिखा जा रहा है ।
(२२) श्रवण-मेष ९४ पल, (२३) घनिष्ठा-मेष-२३० पल (२४) शतभिषा
वृष- २८० पल
प्राग् भाद्रे (२५) ऽब्धि दृशो (२४) ब्रजन्ति मिथुनात्
तस्माद् अहिर्बुध्न्यमे (२६) वेदाद्रिक्षतयो (१७४)ऽथ
कर्कटतनोः पौष्णे (२७) नवाम्भोधयः । (४९)
अश्विन्या (१) स्वरवासवा (१८७)
श्रयममे (२) ऽङ्गार्थ शिवनो (२५६) आग्निमे (३)
सिंहा दद्रि रसा (६७) स्वरघना (१७७)
श्चन्द्रो (१) स्त्रियालोचने (२) । ९० ।
भाद्र पद- मिथुन १७४ पल (२७) रेवती कर्क ४९ पल (१) अश्विनी कर्क
(१८७) पल (२) भरणी-कर्क २५६ पल (३) कृत्तिका सिंह ६७ पल (४)
रोहिणी-सिंह (१७७) पल (५) मृगशिरा-कन्या २ पल
रौद्रे (६) ऽस्याः करिमार्गणा (५८) अदितिभे (