सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)
Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara
सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा
पृष्ठ 196, कुल 609 में से
संदर्भ में पढ़ेंत्रिभानां ज्या पृथक् पृथक्"
"कृतीकृता स्ततः स्वस्वक्रान्तिज्या वर्ग वर्जिताः"
"तन्मूलानि त्रिज्या..." wait!
Then verse 125:
Lines 15-18:
L15: तन्मूलानि ... त्रिज्यावाधि ...
Wait, could the verse be:
"तन्मूलानि त्रिज्यावधिगुणितानि स्वया स्वमाद्युवीवया विभक्तानि तत्फलानां धनुंषि च" -> verse 125!
Let's check verse 125 ending:
L18: द्युवीवया (३३६९।३२२७।३१५३) विभक्तानि तत्फलानां
L19: (१६०९।२१९०।३४३८) धनुंषि च (१६७५।३४७९।५४००) । १२५ ।
YES! It IS a verse with parenthetical numbers inserted!
Let's read the verse text without parentheses:
तन्मूलानि त्रिज्या...
Wait, what is the word?
त्रिज्यावधि or त्रिज्यावाधि?
Wait, "त्रिज्या" + "अवधि"? No, "त्रिज्या" + "गुणितानि":
Wait, could it be त्रिज्याऽवधि or त्रिज्यावाधि?
Wait, look at L1