सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)
Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara
सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा
पृष्ठ 195, कुल 609 में से
संदर्भ में पढ़ेंतत्व (२५) संख्यार्क दोः कोटि साम्ये स्यादाय सन्धिषु
गोलायन भवेष्वेषां शून्य तास्या ऋतुर्षतः । ११६ ।
जब रवि का भुजांश ४५° (३ x १५° या तृतीय राशि अर्द्ध) हो तो उसका
परम उदयान्तर फल २५ पल (१२ + ९ + ४ पल) होता है, उसके बाद पुनः
घटने लगता है । रवि के सम दिवस या उससे चौथी राशि (०°, ९०°, १८०°,
२७०° भुजांश पर) उदयान्तर पल शून्य होता है ।
तद् घ्नी भुक्ति रहोरात्र पला (३६००) प्राप्त कलादिकम् ।
सायनाक्र्कौजयुग्मांघ्रय कार्यं खेतेष्टणं धनम् । ११७ ।
उदयान्तर पल को ग्रह की दैनिक गति से गुणा कर एक दिन की पल संख्या
(३६००) से भाग देते हैं । फल को मध्यम ग्रह में जोडते हैं (यदि सूर्य का भुजांश
सम पद में हो) अन्यथा घटाते हैं । यह लंका का मध्योदय कालिक ग्रह होगा ।
ग्रहस्तिष्ठति यद्राशा वयनांश परिष्कृताः ।
तस्योदयासू गुणिता भुक्तिराशि कलो (१८००) दह्रता । ११८ ।
ग्रह की राशि में अयनांश जोड़कर, सायन राशि का उदय असु निकालते
हैं । उदय असु को ग्रह की दैनिक गति से गुणा कर राशि की कला संख्या
(१८००) से भाग देते हैं ।
तत्फला द्या शक्र लिप्ताः (२१,६००) स्वाहोरात्रासवोम्रताः
ग्रहे वक्र गतौ तेन फलेन परिवर्जिताः । ११९ ।
फल को वृत्त ३६०° की कला (२१,६००) में जोड़ते हैं । यदि ग्रह मार्गी हो
। वक्री होने पर (२१,६००) से फल को घटाते हैं । फल ग्रह का दिन परिणाम
होगा अर्थात् उदय होने के फिर उतने समय बाद उदय होगा ।
स्थूलं तु नाड़िका षष्ठिः (६०) सूर्य सावन वासरम्
तत्रांकशर (५९) हीनाः स्युर्ग्रहर्क्षस्व दिनासवः । १२० ।
सूर्य सावन दिन का परिणाम स्थूलतः (प्रायः) ६० दण्ड (नाड़ी) है । उससे
५९ लिप्ता कम एक नाक्षत्र दिन होता है । ग्रह का सावन दिन निकालने की विधि
कही जा चुकी है ।
स्थूले दिने चेदुदयाः साध्यास्तात्कालिकाद्रवेः
सूक्ष्मेत्वौदयिकाद् भानो स्तदा तद् भादयः स्फुटाः । १२१ ।
राशि का उदय (जो राशि पूर्व क्षितिज पर आये) लग्न कहलाता है । उदय
काल में जो सूर्य का राशि अंश हैं वही लग्न है । उसके बाद रवि गति कला
से उत्पन्न असु को ६० दण्ड में जोड़कर सावन अहोरात्र का परिणाम निकालते
हैं । इष्ट कालिक रवि से राशि का उदय (लग्न) निकालते हैं ।