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सर्वकोश
सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara

सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा

DevanagariHindipublished609 पृष्ठ

पृष्ठ 12, कुल 609 में से

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सिद्धान्त दर्पण में प्रयुक्त अंकों के पर्याय शब्द
अंकों को शब्द में लिखने के अतिरिक्त गणित ज्योतिष में उन्हें दो और प्रकार
से व्यक्त किया जाता है । सूर्य सिद्धान्त, सिद्धान्त शिरोमणि तथा ब्रह्मस्फुट सिद्धान्त
में किसी अंक के लिए वैसे अर्थ के शब्द का प्रयोग हुआ है जिनकी गिनती उतनी
होती है । आर्य भट्ट ने अक्षरों की स्थान संख्या के अनुसार उनका अंकीय मान दिया
है, दशमलव पद्धति में उनका स्थान दिखाने के लिए उनके साथ उपयुक्त स्वर वर्ण
लगाये हैं ।आर्य भट्ट की तरह 'कटपयादि' विधि केरल में प्रचलित है जिसमें 'कट'
से आरम्भ (आदि) कर क वर्ग और च वर्ग के अक्षरों का अर्थ से ० तक है । इसी
प्रकार 'ट' आदि ट वर्ग, त वर्ग का १-१० अर्थ है । प वर्ग का अर्थ १-५ य से ह
तक १-८ हैं ।
शब्द पर्याय द्वारा संख्या लिखने पर शब्दों का क्रम बायें से दाहिने होता है
पर उनके द्वारा निर्दिष्ट अक्षरों का क्रम दाहिने से बायें होता है । (इकाई से आरम्भ)
होता है । 'कट पयादि' अक्षरों का क्रम दाहिने से बायें होता है । आर्य भट्ट में सिर्फ
सार्थक अंक (शून्य नहीं) लिखे जाते हैं जिनके साथ लगे स्वर के अनुसार उनका
दशमलव पद्धति में स्थान निश्चित होता है ।
शब्दों की तालिका इस प्रकार है-
० (शून्य)- आकाश तथा उसके पर्याय खाली स्थान में कुछ नहीं या शून्य
होता है)-ख, अभ्र, नभ, गगन, अम्बर, वियद्, व्योम आदि ईश्वर अनन्त
या पूर्ण अर्थ)-पूर्ण, अनन्त, विष्णुपद वामन के पद द्वारा नापा था, या विष्णु
अर्थात् सूर्य का मार्ग), पुष्कर
१/४ - पाद, अंघ्रि
सपाद या सांघ्रि +१/४, आप्त, आय आदि उपसर्ग और प्रत्यय भी
लगते है)
व्यंघ्रि -१/४ (ऊन, हीन आदि प्रत्यय भी लगते हैं ।
१/२ अर्द्ध, दल (इसे जोड़ने के अर्थ में स, प्राप्त और आय् शब्द लगते हैं,
घटाने के अर्थ में ऊन, हीन आदि लगते हैं ।
१. एक - पृथ्वी के पर्याय वाची शब्द-भुव, भू, क्षिति, कु, धरणी, स्थिरा,
वसुधा, भूमि, क्ष्मा, वसुन्धरा, महीधरा । चन्द्रमा के पर्याय वाची-चन्द्र,
शीतग, क्षपेश, इन्दु, अब्ज, विधु, सुधांशु, शशधर, शशि, शीतकर,
शीतभानु, सितांशु, निशानाथ, सितभानु, रजनीश