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सर्वकोश
सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara

सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा

DevanagariHindipublished609 पृष्ठ

पृष्ठ 13, कुल 609 में से

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सिद्धान्त दर्पण में प्रयुक्त अंकों के पर्याय शब्द ix
भूभृत्, कुभृत् क्ष्माभूत्, गिरि, ग्रौ, मग, अग, अद्रि, इभ, शैल, पर्वत, वाद्धर्वग,
शिखरि ।
८. अष्ट, हाथी अर्थ में (आठ दिग्गज आठ दिशाओं को धारण किये हुए
है)- स्तम्भे रमा, दन्ति, द्विप, गज, मतंगज, कुञ्जरु द्विरद । सर्प अर्थ में
(आठ दिशाओं के सर्प)- नाग, भुजंग, फणभृत, व्याल, अहि, सर्प ।
वसु (आठ वसु थे)-उनमें एक के अवतार भीष्म थे । रूसी भाषा में यह
शब्द अभी तक व्यवहार होता है)
९. नव, अंक (१ से ९ तक अंक होते है), रन्ध्र छिद्र-(शरीर में छिद्र हैं- दो
आंख, दो कान, दो नाक, मुंह, मलद्वार, मूत्रद्वार) गो, नन्द नन्द (नवीं निधि
या सम्पत्ति है)
१० दिशा (दस दिशायें, चार दिशा, चार कोण, ऊपर नीचे), अर्थ में- दिश
आशा ३ । ५० तथा २ । १३ मे), दिक्, काष्ठा, २ । १२ तथा ३ ।४९ मे), हरित
३ । २३ में ।
११. ११ रुद्र प्रसिद्ध हैं अतः शिव के पर्याय वाची शब्द-रुद्र, गिरिश ईश,
शिव, भव, हर, ईश्वर, शंकर, पिनाकी
१२. अदिति के १२ पुत्र आदित्य (सबसे छोटे वामन या उपेन्द्र थे) । आदित्य
का अर्थ सूर्य भी होता है अतः सूर्य के पर्याय वाची शब्द-अर्क, आदित्य,
सहस्त्रांशु, सूर्य, रवि, प्रभाकर, तपन
१३. विश्व
१४. ब्रह्मा के एक दिन में १४ मनु या इन्द्र होते हैं अतः उनके पर्यायवाची
शब्द-मनु, इन्द्र, शक्र, त्वाष्ट्र
१५. तिथि (एक पक्ष में १५ तिथि होती है ।)
१६. भूप (आठ लोक पाल और आठ दिकपाल-पृथ्वी या भू के १६ पालने
वाले हैं) नृप (भूप का पर्याय) अष्टि (आठ आठ)
१७. घन (कम्पास द्वारा वृत्त के भीतर सबसे ज्यादा इतनी भुजाओं का समक्षेत्र
बन सकता है), अत्यष्टि (अष्टि या १६ से ज्यादा)
१८. धृति
१९. अतिधृति
२०. नख