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सर्वकोश
श्री हनुमान चालीसा, संकटमोचन हनुमानाष्टक एवं बजरंग बाण (महावीरी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

श्री हनुमान चालीसा, संकटमोचन हनुमानाष्टक एवं बजरंग बाण (महावीरी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

Shri Hanuman Chalisa with Mahaviri Commentary

गोस्वामी तुलसीदास (व्याख्याकार: स्वामी रामचन्द्रदास 'महावीर') द्वारा

DevanagariHindipublished110 पृष्ठ

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चौ. ३९: जो यह पढ़े हनुमान-चलीसा
महावीरी व्याख्या
॥ श्रीराम ॥
मूल (चौपाई)—
जो यह पढ़ै हनुमान-चलीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥ ३९ ॥
शब्दार्थ—गौरीसा ▸ भगवान् शिव।
अर्थ—अब गोस्वामीजी भविष्यत्कालमें वर्तमानकालका दर्शन कर
बोल रहे हैं कि जो इस हनुमान्-चालीसाको पढ़ेगा, उसको अवश्य लौकिक
तथा पारलौकिक सिद्धि प्राप्त होगी। इस विषय-प्रतिज्ञाके साक्षी भगवान्
शिव हैं।
व्याख्या—हनुमान्-चालीसा लौकिक तथा पारलौकिक सिद्धियोंकी
प्रदाता है, इस प्रतिज्ञामें शिवजीका साक्ष्य देते हैं। जैसे विनयपत्रिकामें
श्रीराम-नाम प्रतीत करते समय शिवजीको साक्षी-रूपमें उपस्थित किया
है। यथा—शंकर साखि जो राखि कहौं कछु तौ जरि जीह गरो (वि.प.
२२६-६)।
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