श्री हनुमान चालीसा, संकटमोचन हनुमानाष्टक एवं बजरंग बाण (महावीरी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

श्री हनुमान चालीसा, संकटमोचन हनुमानाष्टक एवं बजरंग बाण (महावीरी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)
Shri Hanuman Chalisa with Mahaviri Commentary
गोस्वामी तुलसीदास (व्याख्याकार: स्वामी रामचन्द्रदास 'महावीर') द्वारा
DevanagariHindipublished110 पृष्ठ
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सम्पादकीय
महावीरी व्याख्याकी अनवरत बढ़ती माँगको देखते हुए इसका चतुर्थ
संस्करण प्रकाशित किया गया है। गुरुदेवके निर्देशानुसार चौपाई २९की
व्याख्यामें एक श्लोक जोड़ा गया है और एक-दो स्थानोंपर मूलपाठमें
साधारण सुधार (यथा चारों के स्थान पर चारिउ) किया गया है। शेष
सब तृतीय संस्करणका ही नया रूप है। मात्र एक दिनमें (१३–१४ मई,
१९८३ ई.) प्रणीत इस व्याख्याके विषयमें डॉ. रामचन्द्र प्रसादने लिखा
था—१
“श्रीहनुमानचालीसा की सर्वश्रेष्ठ व्याख्या के लिए देखें महावीरी
व्याख्या, जिसके लेखक हैं प्रज्ञाचक्षु आचार्य श्रीरामभद्रदासजी।
श्रीहनुमानचालीसा के प्रस्तुत भाष्य का आधार श्रीरामभद्रदासजी
की ही वैदुष्यमंडित टीका है। इसके लिए मैं आचार्य-प्रवर का
ऋणी हूँ।”
महावीरी व्याख्याका चतुर्थ संस्करण सभी हनुमद्भक्तोंको समर्पित है।
मनीषकुमार शुक्ल नित्यानन्द मिश्र
अपरा एकादशी, वि.सं. २०७८
(६ जून २०२१ ई.)
१ Ram Chandra Prasad (2008) [1990]. Shri Ramacharitamanasa: The
Holy Lake of the Acts of Rama (2nd ed.). Delhi: Motilal Banarsidass, ISBN
978-81-208-0443-2, p. 849, footnote 1.