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शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary

शार्ङ्गधराचार्य द्वारा

स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished356 पृष्ठ

पृष्ठ 47, कुल 356 में से

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पृष्ठ 47

प्रथमोऽध्यायः] परिभाषा 11
4 माष = 1 शाण | 32 बिन्दु = 1 शुक्ति=2 तोला
6 माष = 1 गद्याण | 64 बिन्दु = 1 पाणिशुक्ति=4 तोला²
10 माष = 1 कर्ष | 1 कुडव = 16 तोला³
4 कर्ष = 1 पल | ( 2 ) यूनानी द्रुवयमान
4 पल = 1 कुडव | 4½ माशा = 1 चम्मच
( 11 ) यूनानी पौतवमान | 12½ तोला = 1 पियाली
2 खशखश = 1 खर्दल=1 राई | 20 तोला = 1 पियालंह
4 खर्दल = 1 उरुज्जह=1 चावल | ( 3 ) दाशमिक द्रुवयमान
4 उरुज्जह = 1 शईरह=1 जौ | (Metric system)
2 शईरह = 1 सुर्ख=1 रत्ती | 1 डेसीलीटर = 1/10 लिटर
4½ माशा = 1 मिस्काल | 1 सेण्टीलीटर = 1/100 लिटर
20 किरात = 1 दीनार | 1 मिलीलीटर = 1/1000 लिटर
20 माशा = 1 इस्तार | 1 डेकालीटर = 10 लिटर
33½ माशा = 1 औकिय्यह | 1 हेक्टोलीटर = 100 लिटर
2 सुर्ख = 1 किरात | 1 किलोलिटर = 1000 लिटर
6 सुर्ख = 1 दांग | ( 1 ) आयुर्वेदीय पाय्यमान
8 सुर्ख = 1 माशा | आयुर्वेद में पौतवमान की भाँति अन्य (द्रुवय, पाय्य)
3½ माशा = 1 दिरहम=1 ड्राम | मानों का विस्तृत वर्णन उपलब्ध नहीं होता है, तथापि इसमें
90 मिस्काल = 1 रतल तिब्बी | उक्त कार्य का निर्वाह करने के लिए जिन मानवाचक शब्दों
2 रतल तिब्बी = 1 मन तिब्बी | का प्रयोग किया जाता है, वे इस प्रकार हैं-
64 तोला = 1 सेर आलमगीरी | 1 अंगुल = 8 जौ ¾ इंच⁴
84 तोला = 1 सेर शाही | 12 अंगुल = 1 वितस्ति=9 इंच⁵
( 12 ) दाशमिक पौतवमान | 21 अंगुल = 1 अरत्नि=16 ½ इंच
(Metric system) | 2 वितस्ति = 1 हस्त=18 इंच⁶
1 ग्राम = लगभग 1 माशा | 1 व्याम = 4 हस्त=6 फीट
1 डेसीग्राम = 1/10 ग्राम | 4 हाथ = 1 दण्ड
1 सेंटीग्राम = 1/100 ग्राम | 2000 दण्ड = 1 कोश
1 मिलीग्राम = 1/1000 ग्राम |
1 डेकाग्राम = 10 ग्राम |
1 हेक्टोग्राम = 100 ग्राम | 2. देखें-सु० चि० अ० 40.28 तथा वृद्धहारीतसंहिता।
1 किलोग्राम = 1000 ग्राम | 3. शार्ङ्गधरसंहिता के अनुसार 4 अंगुल चौड़े, 4 अंगुल ऊँचे मिट्टी,
( 1 ) आयुर्वेदीय द्रुवयमान | पत्थर, बाँस आदि के पात्र में आने योग्य द्रव पदार्थ।
1 बिन्दु = 1 बूँद¹ | 4. धागे में पिरोये हुये 8 जौ की लम्बाई।
8 बिन्दु = 1 शाण= ½ तोला | 5. इसके अन्तर्गत-प्रादेश, ताल, गोकर्ण मान भी होते हैं।
| देखें-अमरकोष।
| 6. कुहनी से कानी उंगली के छोर तक की नाप (अमरकोष)।

  1. तर्जनी अंगुली के दो पर्वों को किसी द्रव पदार्थ में डुबाकर उठाने | अथवा कुहनी से बीच की उंगली के छोर तक की नाप (हलायुध
    से उससे गिरी हुई 1 बूँद। देख-अ० ह० सू० 20.9 | कोष)।