सर्वार्थसिद्धि: तत्त्वार्थसूत्र (आचार्य पूज्यपाद - पं. फूलचन्द्र सिद्धान्तशास्त्री सविस्तार हिन्दी टीका)
Sarvarthasiddhi of Acharya Pujyapada on Tattvartha Sutra with Commentary
आचार्य उमास्वामी / पूज्यपाद (टीकाकार: पं. फूलचन्द्र सिद्धान्तशास्त्री) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें४२६ सर्वार्थसिद्धि
कापिष्ठ ४७८ कुब्जसंस्थाननाम ७५५ क्षायोपशमिक २५१
कामचार ४९१ कुपथ ७१४ क्षायोपशमिकचारित्र २६३
कामतीव्राभिनिवेश ७१४ कुल ८२१ क्षायोपशमिकभाव २६३
कार्मणकाययोगस्थ २८६ कुलपर्वत ३८४ क्षायोपशमिकसम्यक्त्व २६३
कार्मणशरीर ३१०, ३३० कुशलमूला (निर्जरा) ८०७ क्षायोपशमिकसंयमासंयम २६३
कार्मणशरीरनाम ७५५ कुशील ९०९ क्षिप्र १९१
काय २४६, ५२६ कूटलेखक्रिया ७११ क्षीणकषाय २२०, ९०८
कायगुप्ति ७९३ कृत ६२३ क्षीणकषायवीतरागछद्मस्थ ३४
कायक्लेशतप ८५५ कृष्ण ५७० क्षीणमोह ९०७
कायत्व ६०२ कृष्णवर्णनाम ७५५ क्षीरवरद्वीप ३७९
कायदुष्प्रणिधान ७२० कृष्णलेश्या ३७१, ४४५ क्षीरवरसमुद्र ३७९
कायनिसर्गाधिकरण ६२६ केवल १६४, ९२० क्षुद्रभव २७६
कायबलप्राण २८६ केवलदर्शनावरण ७४४ क्षुद्रहिमवान् ३८५
कायमार्गणा ३४ केवलि-अवर्णवाद ६३४ क्षेत्र ३२, ४०४, ७१५, ९३७
काययोग ६१०, ८९७ केवलिन् ६३३, ८९२ क्षेत्रपरिवर्तन २७६
कायस्वभाव ६८४ केसरिन् ३९२ क्षेत्रवृद्धि ७१६
कायस्थिति ४३९ कोटाकोटी ७६० क्षेत्रसंसार २७६
कायिकीक्रिया ६१८ क्रोध ६७० क्षेत्रार्य ४३५
कारणविपर्यास २३७ क्रोधप्रत्याख्यान ६७१ क्षेमंकर ४९१
कारित ६२३ कौत्कुच्य ७१८, ७१९
कारुण्य ६८२ कन्दर्प ७१९
कार्यकारणभावसन्तति ३४१ ख
काल ३३, ४५३, ५७७, ६०१, क्ष खण्ड ५७२
६०२, ९३६
कालनियम ३१२
कालपरमाणु ५२८ क्षपक ९०८ ग
कालपरिवर्तन २७७ क्षमा ७९६
कालव्यभिचार २४६ क्षय २१५, २५२ गङ्गा ३८५, ४०४
काललब्धि २५८ क्षयोपशम २१५ गण ८६५
कालसंसार २७७ क्षयोपशमनिमित्तक-अवधि गति २६४, ४८२, ५५८, ७५५
कालातिक्रम ७२३ २१२, २१४ गतिमार्गणा ३४
कालोद ३७९ क्षायिक २५१ गन्ध २९९, ५७०
किन्नर ४५३, ४६२ क्षायिकउपभोग २६० गन्धनाम ७५५
किम्पुरुष ४५३, ४६२ क्षायिकज्ञान २६० गन्धर्व ४६२
किल्विषिक ४४९ क्षायिकदर्शन २६० गर्दतोय ४९१
क्रिया ५३९, ५६८, ६१७ क्षायिकदान २६० गर्भ ३२१
क्रियाविशाल २१० क्षायिकभोग २६० गुण ५९१, ५९९, ६०६
क्लिश्यमान ६८३ क्षायिकलाभ २६० गुणकार ३३५
कीर्ति ४०२ क्षायिकवीर्य २६० गुणस्थान ३४
कीलिकासंहनननाम ७५५ क्षायिकसम्यक्त्व २६० गुणाधिक ६८२