सर्वदर्शनसंग्रह (षोडश दर्शन विमर्श - हिन्दी अनुवाद)
Sarva-Darshana-Sangraha with Hindi Commentary
माधवाचार्य (विद्यारण्य स्वामी) / पं. उमाशंकर शर्मा ऋषि द्वारा
पृष्ठ 120, कुल 316 में से
संदर्भ में पढ़ेंदर्शनम् ] भाषाटीकासमेत । ( १११ )
अन्तर्यामी सकलजीवनियामकः 'य आत्मनि तिष्ठन्नात्मानम-
न्तरोयमयति' इति श्रुतेः । तत्र पूर्वपूर्वमूर्त्युपासनया पुरुषार्थपरि-
पन्थिदुरितनिचयक्षये सत्युत्तरोत्तरमूर्त्युपास्त्यधिकारः ॥ ३६ ॥
वही वासुदेव परम दयालु और भक्तवत्सल परमात्मा अपने उपासक भक्तोंकी
उपासनाके अनुकूल फल देनेके लिये स्वकीय लीलासे पर, व्यूह, विभव, अर्चा और
अन्तर्यामी इन पांच भेदोंसे अवस्थित है । अर्चा-दिव्यदेशादि मन्दिरोंकी प्रतिमा है,
रामकृष्णादि अवतार विभव हैं, वासुदेव संकर्षण प्रद्युम्न और अनिरुद्ध इन भेदोंसे
चतुर्विध व्यूह है । सूक्ष्म सम्पूर्ण षड ऐश्वर्य और षडगुणादि सम्पन्न वासुदेव
परब्रह्म है । अपहत पाप्मा ( निष्पाप ) विरज विमृत्युत्वादि तथा सत्यकाम्त्वादि
कल्याणगुण एवम् ज्ञान शक्ति बल ऐश्वर्य वीर्य्यतेजप्रभृति गुण हैं । सम्पूर्ण जीवोंके
नियामक परमात्मा अन्तर्यामी है “जो परमात्मा आत्मामें रहकर आत्माको अन्त-
र्यामी होकर नियमन करता है" इत्यादि श्रुति भी है पूर्वपूर्व मूर्त्तिकी उपासनासे
परमपुरुषार्थ लक्षण मोक्ष विरोधी पापका क्षय होकर उत्तर उत्तर मूर्त्तिकी उपासनामें
अधिकार होता है ॥ ३६ ॥
तदुक्तम्- “वासुदेवः स्वभक्तेषु वात्सल्यात् तत्तदीहितम् ।
अधिकार्यानुगुण्येन प्रयच्छति फलं बहु ॥ तदर्थं लीलया
स्वीया पञ्च मूर्तीः करोति वै । प्रतिमादिकमर्चा स्यादवता-
रास्तु वैभवाः ॥ सङ्कर्षणो वासुदेव प्रद्युम्नश्चानिरुद्धकः ।
व्यूहश्चतुर्विधो ज्ञेयः सूक्ष्मं सम्पूर्णषड्गुणम् ॥ तदेव वासुदेवा-
ख्यं परं ब्रह्म निगद्यते ॥ अन्तर्यामी जीवसंस्थो जीवप्रेरकईरि-
त ॥ य आत्मानीतिवेदा-तवाक्यजालैर्निरूपित ॥
अर्चापासनया क्षिप्ते कल्मषेऽधिकृतो भवेत् ॥ विभवोपासने
पश्चाद्व्यूहोपास्तौ तत परम् । सूक्ष्मे तदनु शक्त स्यादन्त-
र्यामिणमाश्रितुम् ॥" इति ॥ ३७ ॥
कहाभी है-वासुदेव भगवान् भक्तविषयक वात्सल्यसे अधिकारीके अनुगुण भक्तोंको
अभिमत बहुविध फलको देते हैं ( इसीके लिये लीलापूर्वक अर्चादि पञ्चरूपसे स्वयं
अवस्थित रहते हैं ) प्रतिमादि अर्चा अवतार विभव, संकर्षणादि व्यूह सम्पूर्ण छहों
गुणोंसे युक्त परवासुदेव सूक्ष्म, जीवात्मामें स्थित और जीवोंको प्रेरक अन्तर्यामी है