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संतबानी संग्रह (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - कबीर, दादू, तुलसी, पलटू आदि प्रमुख संतों की वाणी)

संतबानी संग्रह (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - कबीर, दादू, तुलसी, पलटू आदि प्रमुख संतों की वाणी)

Santbani Sangrah: Belvedere Steam Printing Press Allahabad

महामहोपाध्याय पं. सुधाकर द्विवेदी एवं बेलवेडियर प्रेस द्वारा

DevanagariHindipublished267 पृष्ठ

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\ ' / संतबानी पुस्तक-माला वाले महात्मा
१ कबीर साहिब १३ दरिया साहिब (मारवाड़) २ रैदासजी १४ दूलनदासजी
३ धनी धर्मदासजी १५ बुल्ला साहिब ४ गुरु नानक १६ केशवदासजी
५ मीरा बाई १७ चरनदासजी ६ दादू दयाल १८ सहजो बाई
७ बाबा मलूक दास १९ दया बाई, ८ सुन्दरदासजी २० गरीबदासजी
९ धरनीदासजी २१ गुलाल साहिब १० जगजीवन साहिब २२ भीखा साहिब
११ यारी साहिब २३ पलटू साहिब १२ दरिया साहिब (बिहार) २४ तुलसी साहिब
[ गुरु नानक साहिब के पद और सुंदरदासजी व पलटू साहिब की पहिले नहीं छपी थीं अब मिली हैं ]
दूसरे महात्मा १ पीपाजी ६ नरसी मेहता
२ नामदेवजी ७ गुसाईं तुलसीदासजी ३ सदनाजी ८ नाभाजी
४ सूरदासजी ९ बुल्लेशाह । ५ स्वामी हरिदास १० काष्ठ जिह्वा स्वामी
बानियाँ महात्माओं की उनके जीवन समय के क्रम में रक्खी जिस से समय समय की परमार्थी उन्नति, विवेक, बिचार और
दशा दरस जाय । शब्दों की अक्षर-रचना और मात्रा प्रत्येक देश की बोली और
अनुसार रक्खी गई है जिस में मूल न बदलै, सब को भाषा के एक में नहीं ढाला गया है—जैसे पंजाबी भाषा में “कुछ” को “कुज”
को “बहु” कहते हैं; राजपूताना में “दाँव” को “डाँव”, “दोहा” को “सुना” को “सुण्या”, इत्यादि ।
अन्य भाषाओं के पदों और शब्दों के अर्थ, और संकेतों या क़िस्सा-तलब बातों की कथा या भेद फुट-नोट में थोड़े में जता दिये गये हैं ।