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सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)

सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)

Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra

सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा

DevanagariHindipublished332 पृष्ठ

पृष्ठ 72, कुल 332 में से

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पृष्ठ 72

संत नामदेव : व्यक्तित्व और रचनाएँ ७५
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार नामदेव का जन्मकाल शके ११८६ है ।
'महाराष्ट्र देश में नामदेव का जन्मकाल शक संवत् ११८६ और मृत्यु काल शक संवत्
१२७२ प्रसिद्ध है ।'¹
संभाव्य जन्म शक
ज्ञानदेवकालीन नामदेव का जन्मकाल निम्नलिखित तीन शको के आधार पर
निश्चित करना होगा—
(१) शके ११८५
(२) शके ११८६
(३) शके ११९२
श्री शं० पु० जोशी ने शके ११८५ को नामदेव का जन्मकाल माना है ।²
श्री आजगांवकर ने अपने नामदेव चरित्र में इसी का अनुमोदन किया है ।³
श्री भारद्वाज⁴ ने शके ११८६ को न्याय्य ठहराया है । यह शक अभंग के
साथ विसंगत होने के कारण उसको नामदेव का जन्म शक नही माना जा सकता ।
ग्राह्य शक और अभंग की चिकित्सा
शके ११९२ को नामदेव का जन्मकाल स्वीकार करने से इस समस्या के हल
होने की सम्भावना है । परन्तु इसमें एक बात खटकती है । शके ११९२ में 'प्रभव'
नही बल्कि 'प्रमोद' संवत्सर आता है । इस विवाद विषय को छोड़ दिया जाय तो
तिथि, वार तथा मास सब मेल खाते हैं । दोनों संवत्सरो के नाम का प्रारम्भ 'प्र' से
होने के कारण लेखन-प्रमाद की भी सम्भावना है ।
निष्कर्ष
'माझें जन्म पत्र बाबाजी ब्राह्मणें' शीर्षक अभंग में नामदेव के जन्म के शक,
मास, तिथि तथा वार आदि सम्बन्धी सत्य पर आधारित जानकारी पाई जाती है ।
इसमें विसंगतियां कम और सुसंगतियां अधिक मात्रा में पाई जाती हैं । ज्ञानदेवकालीन
नामदेव के साथ इनका मेल बैठने से शक संवत् ११९२ को ही नामदेव का जन्म काल
मानना उचित होगा ।
१. हिन्दी साहित्य का इतिहास ( सं० २०२२ का संस्करण ) पृ० ६८ ।
२. पंजाबातील नामदेव, — पृ० १५
३. संत शिरोमणि नामदेव महाराज आणि त्यांचे समकालीन संत ।
४. श्री भारद्वाज के लेख: 'सुधारक' १८६८ ।