सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)

सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)
Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra
सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा
DevanagariHindipublished332 पृष्ठ
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भाषा में रचनाएँ होने लगी। सिद्धो और नाथो की ऐसी रचनाएँ पर्याप्त मात्रा में पाई
जाती है। निगुंण काव्य के रचयिता नाथ और सिद्ध पूरे भारत में फैले हुए थे। इस
प्रकार निगुंण काव्य की धारा का प्रवाह नामदेव के पूर्व से चला आ रहा था और
नामदेव ने इसको वही से ग्रहण किया। जिस धारा के नाथ और सिद्ध कवि अपनी
रचनाओ से समाज में प्रसिद्धि प्राप्त कर रहे थे उसी धारा को अपनाकर अपनी वाणी
द्वारा समाज को जाग्रत करना नामदेव को अधिक उपयुक्त जान पड़ा। इसलिए उन्होंने
तत्कालीन स्थितियो को ध्यान में रखते हुए अपने हिन्दी पदो की रचना की।
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