सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)
Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra
सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा
पृष्ठ 237, कुल 332 में से
संदर्भ में पढ़ेंषष्ठ अध्याय
नामदेव : हिन्दी निर्गुण काव्य धारा के प्रारम्भकर्त्ता
हिंदी निर्गुण काव्य सम्बन्धी लेखन का परिचय
निर्गुण साहित्य सम्बन्धी आलोचनात्मक ग्रन्थ
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित निर्गुण मत सम्बन्धी आलोचनात्मक लेख
संत मत के प्रारम्भकर्ता के रूप मे नामदेव के प्रति संकेत
नामदेव के निर्गुण धारा के प्रारम्भ कर्ता न माने जाने के कारण
(क) नामदेव की रचनाओं का हिंदी में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न होना
(ख) कबीर का प्रखर व्यक्तित्व और उनके विचारों का प्रभाव,
कबीर को क्रांतिकारी बनाने वाली परिस्थितियां,
नामदेव और कबीर की रचनाओ की तुलना
(१) कर्म और वैराग्य का समन्वय
(२) भेदभाव विहीनता
(३) ब्रह्म की निर्गुणता
(४) अनन्य प्रेम भावना
(५) सर्वात्मवाद और अद्वैत भावना
(६) निर्गुण भक्ति
(७) नाम साधना
(८) सेव्य सेवक भाव
सन्त नामदेव का निर्गुण भक्ति की ओर झुकाव
आचार्य परशुराम चतुर्वेदीजी की बताई हुई निर्गुण सन्तों की रचनाओ
की विशेषताएं