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सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)

सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)

Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra

सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा

DevanagariHindipublished332 पृष्ठ

पृष्ठ 231, कुल 332 में से

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पृष्ठ 231

नामदेव की रचनाओं का साहित्यिक मूल्यांकन २६७
अधिकरण कारक
अंतरि (१०२-३)—हृदय में
घरि (२६०-८)—घर में
जलि (१०१-२) जल मे
मुषि (६२-२)—मुख मे
हाथि (५७-४) हाथ में
(ब) भूतकालीन क्रियाओ पर मराठी का अधिक प्रभाव दिखाई देता है। मराठी
का भूतकालीन क्रिया का 'ला' प्रत्यय हिंदी की क्रिया को जोड़ दिया गया है—
अघाइला (४५-६) अघाना—तृप्त होना
आईला (३१-१) आना
उगिला (४६-६) उगना
गाइला (४५-१) गाना
घालिला (१६-६) जाना
छूटिला (५६-३) छूट जाना
जागीला (३१-२) जगाना
पोढिला (१६-८) लेटना
(क) पुरुष वाचक सर्वनामो पर भी मराठी का प्रभाव है। कुछ उदाहरण—
हमचो (६१-२) हमारी
तुमचो (६०-५) तुम्हारी
मुझा (५६-१०) मेरा
तुझा (५६-१०) तेरा
शब्द संपत्ति
नामदेव के हिंदी पदो में मराठी के शब्द पर्याप्त मात्रा मे पाये जाते हैं। कभी
अपने मूल रूप में तो कभी अपभ्रष्ट रूप मे। नामदेव की हिंदी पदावली में प्रयुक्त कुछ
मराठी शब्द यहाँ प्रस्तुत किये जा रहे हैं—
(१) बिरदु (१५५-१) ( <ब्रीद)
(२) मसीत (२०८-६) ( <म. मशीद, अ. मसजिद)
(३) जादवराइआ (२१६-३) (<यादवराय)
(४) कापरु (२१७-७) (<कापड) (कपडा)
(५) सगलकी (२२२-५) (<सगळ्यांची) (सबकी)