सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)
Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra
सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा
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प्रस्तावना
प्रथम अध्याय
हिंदी निर्गुण काव्यधारा की पृष्ठभूमि १७-५१
ब्रह्म का अस्तित्व, ब्रह्म का स्वरूप, निर्गुण और सगुण, दोनों की
एकता, निर्गुण शब्द और उसके अर्थ का ऐतिहासिक विकास, निर्गुण
काव्य, सगुण से पार्थक्य, निर्गुण काव्यधारा का ऐतिहासिक परि-
प्रेक्ष्य, सिद्ध सम्प्रदाय, नाथ पंथ, ज्ञानदेव की परम्परा, निर्गुण
उपासना का विकास, हिंदो काव्य तथा नाथ सम्प्रदाय, निर्गुण
काव्यधारा पर मत्स्येन्द्रनाथी धारा का प्रभाव, निर्गुण काव्य-धारा
पर गोरखनाथी धारा का प्रभाव।
द्वितीय अध्याय
संत नामदेव की जीवनी, व्यक्तित्व और रचनाएँ ५३-१०२
चरित्र विषयक सामग्री, कई नामदेव, हिन्दी में रचना करने वाले
नामदेव, ज्ञानेश्वर कालीन महाराष्ट्रीय सन्त नामदेव हैं अथवा कोई
अन्य, जन्म काल, नामदेव का अयोनि-सम्भव होना, नामदेव चरित्र
के प्राचीन स्रोत-गाथा, ज्ञानेश्वर और नामदेव का समकालीनत्व,
डॉ० रा० गो० भाडारकर का मत, डॉ० मोहनसिंह का मत,
मेकालिफ का मत, जनम साखी, महाराष्ट्रीय विद्वानों के मत, हिन्दी
के विद्वानों के मत, निष्कर्ष। जन्म स्थान, हिन्दी तथा मराठी के
विद्वानों के मत, माता, पिता एवं परिवार, जाति तथा व्यवसाय,