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सर्वकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 69, कुल 310 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 69

आ नो विश्वासु हव्यमिन्द्र 28 समत्सु भूषत.
उप ब्रह्माणि सवनानि वृत्रहन्परमज्या ऋचीषम.. (७)
हे इंद्र! युद्धों में सहायता के लिए आप को बुलाया जाता है. आप हमारी प्रशंसा,
प्रार्थनाओं से सुशोभित होते हैं. आप वृत्रासुर नाशक हैं. आप के धनुष की प्रत्यंचा अविनाशी
है. आप तीनों समय की संध्याओं की प्रार्थनाओं को शोभित कीजिए. (७)
तवेदिन्द्रावमं वसु त्वं पुष्यसि मध्यमम्.
सत्रा विश्वस्य परमस्य राजसि न किष्ट्वा गोषु वृण्वते.. (८)
हे इंद्र! आप निम्न, मध्यम और उत्तम सभी तरह के धनों के अकेले स्वामी हैं. आप जब
गाय आदि अपने यजमानों को दान करना चाहते हैं तो आप को कोई भी नहीं रोक सकता है.
(८)
क्वेयथ क्वेदसि पुरुत्रा चिद्धि ते मन:.
अलर्षि युध्म खजकृत्पुरंदर प्र गायत्रा अगासिषु:.. (९)
हे इंद्र! आप पहले कहां चले गए थे? आप इस समय कहां हैं? आप बहुत जगह रमते
(घूमते) रहते हैं. आप राक्षसों का नाश करने वाले हैं. हमारे यजमान प्रार्थना गाने में कुशल हैं.
वे आप की स्तुति करते हैं. (९)
वयमेनमिदा ह्यो ऽ पीपेमेह वज्रिणम्.
तस्मा उ अद्य सवने सुतं भरा नूनं भूषत श्रुते.. (१०)
हे इंद्र! हम ने कल भी आप को सोमरस भेंट किया था. हम आज भी यज्ञ में आप को
सोमरस भेंट करते हैं. हे यजमानो! आप स्तोत्र गा कर इंद्र की शोभा बढ़ाइए. (१०)
पांचवां खंड
यो राजा चर्षणीनां याता रथेभिरध्रिगु:.
विश्वासां तरुता पृतनानां ज्येष्ठं यो वृत्रहा गृणे.. (१)
हे इंद्र! आप मनुष्यों के राजा हैं. आप के रथ की गति की कोई भी बराबरी नहीं कर
सकता है. आप शत्रुओं की सेना और वृत्रासुर को मारने वाले हैं. हम सर्वश्रेष्ठ इंद्र की स्तुति
करते हैं. (१)
यत इन्द्र भयामहे ततो नो अभयं कृधि.
मघवञ्छग्धि तव तन्न ऊतये वि द्विषो वि मृधो जहि.. (२)
हे इंद्र! जिस से हम डरें आप उसी से हमें निडर बनाइए. हमें अभय दान दीजिए. हमारे
शत्रुओं को और हमें मारने वालों को आप नष्ट कीजिए. (२)