ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 86, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ें७३. बृहस्पति का वर्णन १-३
अंगिरापुत्र, नगर जलाना, शत्रुनाशक बृहस्पति का वर्णन १-३
७४. सोम एवं रुद्र की स्तुति १-४
रत्नधारक, अन्न देने, पाप भगाने व रक्षा हेतु स्तुति १-४
७५. कवच, धनुष आदि युद्ध सामग्री का वर्णन १-१९
रक्षार्थ प्रार्थना, जीतने की कामना, डोर का कान तक पहुंचना, रक्षा याचना, तरकस,
घोड़ों को वश में करना, कुचलना, बढ़ाना १-८
आश्रय योग्य, रक्षार्थ प्रार्थना ९-१०
बाण, सुख याचना, चोट करना, रक्षा करना, नमस्कार, शत्रुनाश हेतु प्रार्थना ११-१६
सुख याचना १७
कवच से ढकना १८
मंत्र ही रक्षा कवच है १९
सप्तम मंडल
सूक्त विषय मंत्र सं.
१. अग्नि की स्तुति १-२५
अरणि, पूजनीय, ज्वालायुक्त, संतानदाता कुशल, पुत्र-पौत्र वाला धन मांगना, राक्षसों
को जलाना, प्रसन्न होना, आह्वान १-९
स्तुति १०
प्रजायुक्त घर, रक्षार्थ आग्रह ११-१३
सेवा करना, रक्षक परिक्रमा १४-१६
धनस्वामी होने की कामना, हव्य, सत्ययुक्त १७-१९
अन्न देने, सहायक बनने, मृत्यु से छुड़ाने हेतु प्रार्थना, धनी होना, पूर्ण आयु वाला होने
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