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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 87, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 87

व पालन हेतु स्तुति २०-२५
२. अग्नि, यज्ञकर्त्ताओं व त्वष्टा की स्तुति १-११
गर्म लपटें, महिमा, पूजन, बर्हि देना, प्राचीना जुहू, घी से सींचना, कामधेनु गाय १-६
धन मांगना, भारती, पुत्र याचना, जन्म जानना, आह्वान ७-११
३. अग्नि की स्तुति १-१०
शुद्धिकर्त्ता, काला मार्ग, देवों के पास जाना, प्रवेश करना, पूजन, प्रकाश फैलाना, रक्षा
हेतु प्रार्थना १-८
अरणियों से उत्पन्न, रक्षार्थ हेतु ९-१०
४. अग्नि की स्तुति १-१०
बुद्धि से चलने वाले, अन्न भक्षक, असह्य, विराजमान, तारक, संतानहीन न होने,
धनस्वामी बनाने हेतु प्रार्थना, स्थान पर पहुंचना, धन हेतु आग्रह १-१०
५. वैश्वानर अग्नि की स्तुति १-९
बढ़ना, शोभा पाना, नगर जलाना, विस्तारक, प्रजास्वामी १-५
बल धारण, गरजना, कीर्तिदाता, सुख याचना ६-९
६. वैश्वानर अग्नि का वर्णन १-७
वैश्वानर, राजा, हिंसकों को भगाने हेतु प्रार्थना, नाशक, उत्पादक, कृपा चाहना,
अंधकारनाशक १-७
७. अग्नि की स्तुति १-७
यज्ञदूत, वनदाहक, युवा अग्नि, स्थापित, हव्यवाहक, सत्यभूत, स्तुति १-७
८. अग्नि का वर्णन १-७
हविस्वामी, काले मार्ग वाले, शोभनदाता अतिथि, प्रसन्नमन, रोग निवारक स्तोत्र, रक्षा
हेतु स्तुति १-७
९. अग्नि का वर्णन १-६
जागने वाले, अंधकारनाशक रूप में प्रवेश, स्तुत्य, यज्ञ करना, रक्षा याचना १-६
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