ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 271, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंदुष्प्राप्य तेज वाले अग्नि यज्ञकर्म करने वाले के समान नित्य, घर में बैठी हुई पत्नी के
समान यज्ञगृह के आभूषण, विचित्र दीप्ति वाले होकर चमकने पर सूर्य के समान शुभ्रवर्ण,
प्रजाओं के मध्य स्वर्णनिर्मित रथ के समान तेजस्वी एवं संग्राम में प्रभावशाली हैं. (५-६)
सेनेव सृष्टामं दधात्यस्तुर्न दिद्युत्त्वेषप्रतीका.
यमो ह जातो यमो जनित्वं जारः कनीनां पतिर्जनीनाम्.. (७-८)
अग्नि सेनापति के साथ वर्तमान सेना अथवा धानुष्क के दीप्तमुख बाण के समान
शत्रुओं को भयप्रद हैं. उत्पन्न एवं भविष्य में जन्म लेने वाला भूतसंघ अग्नि ही हैं. वे कुमारियों
के जार एवं विवाहिताओं के पति हैं. (७-८)
तं वश्चराथा वयं वसत्यास्तं न गावो नक्षन्त इद्धम्.
सिन्धुर्न क्षोदः प्र नीचीरैनोन्नवन्त गावः स्वर्द्दशीके.. (९-१०)
जिस प्रकार गाय पशुशाला में पहुंचती है, उसी प्रकार हम पशु एवं धान्य संबंधी
आहुतियां लेकर प्रज्वलित अग्नि के समीप जाते हैं. वे निम्नगामी जल के समान इधर-उधर
ज्वालाएं फैलाते है. दर्शनीय अग्नि की किरणें आकाश में मिल जाती हैं. (९-१०)
सूक्त—६७ देवता—अग्नि
वनेषु जायर्मर्तेषे मित्रो वृणीते श्रुष्टिं राजेवाजुर्यम्.
क्षेमो न साधुः क्रतुर्न भद्रो भुवत्स्वाधीर्होता हव्यवाट्.. (१-२)
जिस प्रकार राजा जरारहित व्यक्ति का आदर करता है, उसी प्रकार अरण्य में यजमान
एवं मानव सखा अग्नि शीघ्र ही यजमान पर कृपा करते हैं. रक्षक के समान कर्मसाधक,
कार्यकर्त्ता के समान कल्याणकारी, देवों का यज्ञ में आह्वान करने वाले एवं हव्यवहन करने
वाले अग्नि शोभनकर्मा हैं. (१-२)
हस्ते दधानो नृम्णा विश्वान्यमे देवान्धाद्गुहा निषीदन्.
विदन्तीमत्र नरो धियन्धा हृदा यत्तष्टान्मन्त्राँ अशंसन्.. (३-४)
समस्त हव्यरूप धन अपने हाथ में लेकर अग्नि के गुफा में छिप जाने पर सभी देव
भयभीत हो गए. नेता एवं बुद्धिधारक देवों ने ज्यों ही बुद्धि निर्मित मंत्रों द्वारा अग्नि की स्तुति
की, त्यों ही अग्नि को पा लिया. (३-४)
अजो न क्षां दाधार पृथिवीं तस्तम्भ द्यां मन्त्रेभिः सत्यैः.
प्रिया पदानि पश्वो नि पाहि विश्वायुरग्ने गुहा गुहं गाः.. (५-६)
अग्नि सूर्य के समान धरती और अंतरिक्ष को धारण करने के साथ-साथ सार्थक मंत्रों
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