ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 11, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंदेवदूत, आह्वान, स्तुति, रक्षार्थ प्रार्थना, आग्रह १-९
धन, संतान, अन्न की प्राप्ति, देवदूत १०-१२
१३. अग्नि की स्तुति एवं वर्णन १-१२
प्रज्वलित, रक्षक व प्रशंसनीय, स्तुति १-७
अग्नि, सूर्य, इला आदि का आह्वान ८-१२
१४. अग्नि की स्तुति १-१२
इंद्र, सोमपान हेतु आह्वान १-१०
आग्रह, घोड़े जोड़ना ११-१२
१५. ऋतु इंद्र व मरुद्गण आदि का वर्णन १-१२
सोमपान, पत्थर १-७
द्रविणोदा, धनदाता, सोमपान ८-११
कल्याण की कामना १२
१६. इंद्र की स्तुति १-९
हरि नामक घोड़े १-४
सोमपानार्थ आग्रह, गाएं व अश्व की कामना ५-९
१७. इंद्र एवं वरुण की स्तुति १-९
रक्षा, धन व अन्न की कामना १-४
धन प्राप्ति, इंद्र व वरुण की उत्तम सेवा व स्तुति ५-९
१८. ब्रह्मणस्पति की स्तुति व इंद्रादि का वर्णन १-९
आग्रह, फलदाता, कृपा याचना १-२
रक्षार्थ, उन्नति, पाप से रक्षा, स्तुति ३-९
१९. अग्नि एवं मरुद्गण की स्तुति १-९
आह्वान १-२
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