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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 10, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 10

५. इंद्र की स्तुति १-१०
धन-बल, प्रशंसनीय, याचना १-१०
६. इंद्र एवं मरुद्गण की स्तुति १-१०
स्तुति, घनिष्ठता, पूजा-अर्चना १-१०
७. इंद्र की स्तुति १-१०
स्तुति, सूर्य, पशुलाभ, प्रार्थना १-१०
८. इंद्र की स्तुति १-१०
जीतना, ज्ञान व पुत्र प्राप्ति १-६
सोमरस का न सूखना, वाणी, विभूतियां ७-९
मंत्रों के इच्छुक १०
९. इंद्र की स्तुति १-१०
शत्रुनाश व कार्य सिद्ध १-२
धन, वर्षा की प्रार्थना, प्रेरणा ३-६
धन याचना, दान, आह्वान, यज्ञ में वास ७-१०
१०. इंद्र की स्तुति १-१२
अर्चना, वर्षार्थ मरुद्गण व इंद्र का आना १-२
बुद्धि की कामना, स्तुतिगान ३-५
मैत्री, धन व शक्ति हेतु सामीप्य ६
द्वार खोलने का आग्रह, महिमामंडित, स्तुतियां, धन कामना, आशा ७-१२
११. इंद्र की स्तुति १-८
बलशाली, नमस्कार, दान के नाना रूप, असुरों को घेरना १-५
दान की महिमा, शुष्ण का नाश, देने का ढंग ६-८
१२. अग्नि की स्तुति १-१२
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