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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 12, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 12

यज्ञकर्त्ता सर्वश्रेष्ठ, मरुद्गण की स्तुति, प्रशंसा, मधु समर्पित ३-९
२०. ऋभुगण की स्तुति १-८
स्तोत्र, घोड़े, रथ व गाय बनाना १-३
सफलतादायक मंत्र, अर्पण, पात्र तोड़ना, स्वर्ण, मणि आदि की प्राप्ति, यज्ञ
भाग ४-८
२१. इंद्र एवं अग्नि का वर्णन १-६
प्रशंसा, आह्वान, संतानहीन, प्रगति १-६
२२. अश्विनीकुमार, मित्र आदि की स्तुति १-२१
आह्वान, स्तुति, निमंत्रण, देवपत्नियां, याचना १-१५
आगमन, परिक्रमा, विष्णु की कृपा से यजमान के व्रत पूर्ण १६-२१
२३. वायु, इंद्र आदि की स्तुति १-२४
सोमरस, रक्षा मांगना, आह्वान, महान् व शत्रुनाशक १-९
संतान, रक्षा कामना, आग्रह, सोमरस की प्राप्ति १०-१४
ऋतुएं, हितकारी जल, कर्त्तव्य, अमृत व ओषधियां १५-२०
रोग निवारण, स्तुति २१-२४
२४. अग्नि आदि देवों की स्तुति १-१५
पुकार, धन याचना, प्रशंसा, प्रार्थना १-९
तारों व चंद्रमा का प्रकाशित होना १०
आयु याचना, शुनःशेप, पापमुक्त हेतु प्रार्थना ११-१५
२५. वरुण की महिमा का वर्णन १-२१
क्रोध न करने का आग्रह, प्रसन्न होना, जीवनदान, अंतर्यामी वरुण १-११
आयुदाता, कवचधारक यशोगान, हव्य, रथ, प्रकाशकर्त्ता १२-२१
२६. अग्नि की स्तुति १-१०
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