रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें६८ असली कोकशास्त्र
हस्तिनी शशक योग
शशक संज्ञक पुरुष का हस्तिनी के साथ संयोग होने पर जो
पुत्र जन्म लेता है वह दुर्बलाङ्ग और स्वल्पायु होता है। तथा कन्या
भी वैसी दुर्बला, कम उमर वाली होती हुई खूबसूरत अवश्य होती
है। शशक पुरुष से हस्तिनी स्त्री तृप्त नहीं होती। दोनों दुःखी
रहते हैं। इस लिए असम्मान योग सर्वदा त्याज्य समझना
चाहिए।
हस्तिनी मृग योग
मृग संज्ञक पुरुष का हस्तिनी के साथ संयोग होने से जो पुत्र
उत्पन्न होता है, वह पशु के समान बुद्धि वाला होता है, और
कन्या पतिघातिनी कुलटा होती है।
हस्तिनी वृषभ योग
हस्तिनी का वृषभ संज्ञक पुरुष के साथ संयोग होने से जो
पुत्र होता है वह बलवान युद्ध-प्रिय होता है किन्तु दुराचारी भी
होता है ओर कन्या दुराचारिणी होती है।
विवाह के पूर्व स्त्री-पुरुष के लक्षणों का मिलान कर लेना
चाहिए। जिसका जिसके साथ योग मिलता हो उसके साथ मिला
देना चाहिए। तब किसी प्रकार की हानि नहीं हो सकती।