रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
DevanagariHindipublished440 पृष्ठ
पृष्ठ 91, कुल 440 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 91
६० असली कोकशास्त्र
कृत्या स्त्री
क्रोधिनी, दयाहीना, पाप-कर्म करने वाली, क्रूर स्वभावा, बहु-
भोजी, बकरी की गन्ध वाली, अतिशय मैली, कडुवा, खट्टा पदार्थ
चाहने वाली, कौवे के समान शब्द करने वाली, विश्वासघातिनी
मन-मलीन स्त्री कृत्या कहाती है ।
—:०:—
स्त्रियों के त्रिगुणात्मक लक्षण
गूढास्थिग्रन्थिगुल्फा मृदुमधुरवचाः
श्लेष्मला पद्मभङ्गी,
व्यक्तास्थिग्रन्थिगुल्फा युवतिरशिशिरै
रङ्गकैः पित्तला स्यात् ।
रूक्षा शीतोष्णगात्री वदति बहुतरं
वातला श्लेष्मलापि,
स्यादुष्णा नव्यसूता शिशिरतरतनु
र्गर्भिणी पित्तलापि ॥
१—जिसके हड्डी में ही ग्रन्थी तथा गुल्मा छिपे हुए हों, सरल
मीठा बोलने वाली, कमल सदृश्य को