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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

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६ असली कोकशास्त्र ८१
स्त्री भेद
पद्मिनी चित्रिणी चैव शंखिनी हस्तिनी तथा ।
चतस्रो जातयो नार्या रतौ ज्ञेया विशेषतः ॥
पद्मिनी, चित्रिणी, शंखिनी और हस्तिनी ये चार जाति की
स्त्रियाँ होती हैं ।
पद्मिनी स्त्री
तिलकुसुमसमानां विभ्रती नासिकांच ।
द्विज-गुरुसुर-पूजां श्रद्दधानां सदैव ॥
कुवलयदलकान्तिः कापि चाम्पेयगौरी ।
विकचकमलकोशाकारकामातपत्रा ॥
तिल के फूल सदृश्य सुडौल तथा सुन्दर जिसकी नाक हो,
ब्राह्मण, गुरु, और देवताओं में जो हमेशा श्रद्धा रखती हो, कमल
के समान जिसकी शरीर-कान्ति हो, तथा चम्पा के फूल के समान
जिसका शुभ्र-वर्ण हो, वह पद्मिनी कहाती है ।
व्रजति मृदु सलीलं राजहंसी वतन्वी ।
त्रिवलिवलितमध्या हंस-वाणी सुवेशा ॥