रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
DevanagariHindipublished440 पृष्ठ
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असली कोकशास्त्र ७६
देवादि पुरुष भेद
देवगन्धर्वयक्षाणां ये राक्षसपिशाचयाः ।
लक्षणैः संयुतास्ते स्युर्नरास्तैरेव नामभिः ॥
देव, गन्धर्व, यक्ष, राक्षस और पिशाच ये पाँच लक्षणों वाले
पुरुष इन्हीं नामों से पुकारे जाते हैं ।
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देव पुरुष
सत्यप्रिय, बलवान् ज्ञानी, दानी और मधुर बोलने वाला,
पवित्र सुन्दर, कोमल अंग वाला, काम-क्रोध रहित, मधुर पदार्थ
चाहने वाला, कान्तियुक्त लम्बी भुजा वाला, कमल समान नेत्र
वाला, सतोगुणी पुरुष देव पुरुष कहाता है ।
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गन्धर्व पुरुष
सुन्दर स्वरूप, गायन प्रिय, मीठे खट्टे पदार्थों में रुचि रखने
वाला मृग-नयन, गन्धर्व-विद्या परायण, सत, रज, गुण युक्त पुरुष
गन्धर्व कहलाता है ।
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