रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअसली कोकशास्त्र ४२६
गन्धक आठ-आठ माशे तथा आठ तोले अफीम मिलाकर इन
सबको एक साथ खरल कर ले । तत्पश्चात् तीन-तीन रत्ती की
गोली बनाकर जो मनुष्य प्रति दिन सोने के समय दूध के साथ
सेवन करता है, उसकी स्तम्भन शक्ति बढ़ जाती है ।
१०—अभ्रक भस्म, स्वर्ण भस्म, लोह भस्म, चाँदी भस्म,
सोनामक्खी की भस्म, शुद्ध पारा, वंशलोचन, तथा भाँग के बीज
का चूर्ण इन सबको आठ-आठ तोले भाँग के काढ़ा के साथ खरल
कर एक-एक माशे की गोली बना ले । प्रति दिन एक गोली दूध
के साथ खाने से स्तम्भन और मैथुन शक्ति बढ़ती है ।
११—मुरा, चिचड़ा का बीज, जावित्री, मरोड़फली, जायफल
काकोली, खरेंटी, क्षीर काकोली, सफेद पान, कंकोल, मुलहठी,
बच, और खस इन सबको बराबर-बराबर लेकर चूर्ण बना ले ।
और नित्य दूध के साथ खाये । इससे वीर्य स्तम्भन होता है ।
१२—पीपल, मिर्च, धतूरा, इन तीनों को पीसकर शहद में
मिला ले । कुछ दिन इनका लेप इन्द्रिय पर करने से वशीकरण
हो जाता है ।
१३—सफेद कमल, नील कमल, इन दोनों का केसर शहद
और मिश्री में मिलाकर इन्द्रिय पर लेप करे तो इन्द्रिय स्तम्भन
होता है । वह मनुष्य प्रचण्ड रतिवाला हो जाता है ।
१४—सुहागा, कूठ, मैनसिल, नोनिया की पत्ती का रस, और