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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

पृष्ठ 439, कुल 440 में से

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४२६ असली कोकशास्त्र
दुर्गन्धि नाशक योग
१—शंखचूर्ण, करौंदा के बीज, अनार की छाल, इमली, आम
की छाल, इन सब औषधियों को पीसकर उबटन करने से सब
प्रकार की शारीरिक दुर्गन्ध दूर हो जाती है ।
२—लोध की छाल, सफेद् चन्दन, नेत्रवाला, कुमकुम और
तगर इनको समान भाग में पीसकर सब शरीर पर लेपन करने से
शरीर की दुर्गन्धि दूर होती है ।
३—खस, कमलपत्र, लोध की छाल, सिरीश, इनका उबटन
लगाने से शारीरिक पसीने की बू दूर हो जाती है ।
४—कुमकुम, जायफल, कूठ, तुलसी, और जावित्री, इन सबको
पीसकर मुँह में रखकर चूसने से मुख की दुर्गन्धि नष्ट होती है ।
५—यदि केवल मातुङ्ग की छाल ही मुख में रखकर चूसी
जाय तो वह मुख की दुर्गन्ध दूर करती हुई अधोवायु की भी
दुर्गन्ध को दूर करती है ।
६—भटकटैया सफेद् फल वाली, सफेद् दूब, श्वेतापराजिता
का पुष्प, इन सबको पान में रखकर खाने से मुख की दुर्गन्धि दूर
होती है ।
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