रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३६० असली कोकशास्त्र
बुखार के साथ आँव के दस्त भी आते हों तो हींग एक रत्ती,
अफीम चौथाई रत्ती और काली मिर्च आधी रत्ती की एक-एक
गोली बनाकर सुबह-शाम एक गोली खिलावे । आँव पड़ते समय
तक रोटी आदि न खिलाकर चावल और दही खिलाना चाहिए ।
ऊपर की मात्रा युवक मनुष्य की है । बालक की मात्रा इससे कम
होनी चाहिए ।
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लार गिरना
बहुत से बच्चों के मुख से लार गिरा करता है, यहाँ तक कि
कितने ही बालकों की छाती पर रूईदार टुकड़ा बँधा रहता है ओर
वह थोड़ी ही देर में भीग जाता है। ऐसे लड़कों के लिए दो तोले
मस्तगी, दो तोले बड़ी इलाइची के दाने कूट कर पावभर चीनी की
चाशनी में जमाकर रख दे और प्रतिदिन एक या दो माशे खिलाना
चाहिए । इससे लार का गिरना बन्द हो जाता है ।
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कर्ण रोग
कमेरा, बिजौरा का अर्क, अदरक का अर्क इन सब चीजों को
गरम करके कान में डालने से कान की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
आक के पीले पत्ते पर तेल पोतकर उसे तप्त तवे के ऊपर गरम
करना चाहिए । बाद उसका अर्क कान में निचोड़ देना चाहिए ।