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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

पृष्ठ 2, कुल 440 में से

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असली कोकशास्त्र
जैसे महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ के रचयिता-
कोकापंडित का संक्षिप्त जीवन
किसी समय काश्मीर देश में महाराज शान्तिदेव राज्य करते
थे । उनकी न्याय-प्रियता और प्रजा-वात्सल्य के कारण प्रजा उन्हें
पिता के समान स्नेह करती थी । प्रजा का ऐसा स्नेह देखकर पुत्र-
विहीन होने पर भी उन्हें वृद्धावस्था में पुत्राभाव के दुःख का अनु-
भव नहीं होता था ।
ठीक वैसे ही उनके प्रधान मन्त्री पं० दीनानाथ जी थे । जो
अनुभवी और बुद्धिमान व्यक्ति थे । वे महाराज के समवयस्क और
परम स्नेही थे । प्रजा की देख-रेख का भार प्रायः उन्हीं पर था ।
प्रजा भी उन्हें जी-जान से प्यार करती थी । दैव-दुर्विपाक से इनके
भी कोई सन्तान न थी ।