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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

पृष्ठ 16, कुल 440 में से

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असली कोकशास्त्र १५
पूर्ण हो रही हैं। हम लोगों की एक सनम्र प्रार्थना है कि इन उपायों
का प्रचार सब देश में जिस प्रकार हो सके, उसके करने की आप
कृपा करें। हमारे समान अनेक दुःखित नर-नारियों का बड़ा
उपकार होगा।
महाराज ने कहा,—मुझे बड़ी खुशी हुई जो आप लोगों की
सन्तुष्टि हो गयी। कोकापणिडत बड़े विचारी पुरुष हैं। वे लोको-
पकार के लिये कुछ उठा न रक्खेंगे।
दर्बारी लोग भी बड़े प्रसन्न हुए। उनकी श्रद्धा भी कोका
पणिडत के प्रति बहुत बढ़ गयी।
[ ५ ]
कुछ वर्षों के बाद कोका पणिडत ने 'कोक मञ्जरी' नामक एक
ग्रन्थ लिखकर महाराज के हाथ में दिया। महाराज ने उसे आद्यो-
पान्त पढ़ा। पढ़कर बड़े प्रसन्न हुए और बोले—कोक मंजरी के
बजाय इसका नाम “कोकशास्त्र” रक्खा जाय तो अच्छा है, क्योंकि
आपके 'कोक मंजरी' शब्द का तात्पर्य आपसे किये हुए अनेक मतों
का संग्रह है। आपने दूसरे मतों का दिग्दर्शन अवश्य कराया है।
किन्तु उनकी तरकीब और अनुभवी ओषधियों का योग आपकी
कृति है। इस लिये दूसरों के लिये वही शासन का बनाने वाला
सिद्ध होगा। सच तो यह है कि मुझे कोकशास्त्र नाम ही अधिक
प्यारा प्रतीत होता है।