रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअसली कोकशास्त्र १२१
जघनोपगूहन आलिंगन
जो स्त्री अपने बालों को फैलाकर अपनी जंघाओं के उभरे हुए
भाग से पुरुष की जंघा को दबाती है, नखक्षत, दन्तक्षत और चुम्बन
करती हुई ग्रहण करती है उसको जघनोपगूहन आलिंगन कहते हैं।
यह आलिंगन स्त्री के बढ़े हुए कामोद्वेग का सूचक है। जो पुरुष के
मन्द कामोद्वेग को तीव्र करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।
लालाटिक आलिंगन
जब स्त्री पति की छाती में लिपट कर स्तनों का स्पर्श करती
है, और मुख से मुख, आँख से आँख लड़ाकर मस्तक से मस्तक
रगड़ती है तब उसको लालाटिक आलिंगन कहते हैं। यह प्रायः
अकस्मात लेटे हुए पति के साथ किया जाता है। यह भी स्त्री में
कामोद्वेग का सूचक होता है।
चुम्बन
यह भी सुरत जगाने में परम सहायक है। नायक या नायिका
से जब चुम्बन किया जाता है, तब चुम्बन करने वाले में पहले
कामोद्वेग उत्पन्न होता है। इसका आरम्भ आलिंगन के बाद ही
होता है। यथार्थतः यह आलिंगन का एक भेद-मात्र है। प्रथम
चुम्बन मस्तक और फिर गण्डस्थल तथा अन्य स्थलों पर होता