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सर्वकोश
रसिकप्रिया (महाकवि केशवदास - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी व्याख्या, नायिका-भेद एवं शृंगार मनोविज्ञान)

रसिकप्रिया (महाकवि केशवदास - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी व्याख्या, नायिका-भेद एवं शृंगार मनोविज्ञान)

Rasikapriya: Nayika Bheda, Shringara Rasa evam Saundarya Manovigyan

महाकवि केशवदास द्वारा

DevanagariHindipublished286 पृष्ठ

पृष्ठ 45, कुल 286 में से

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पृष्ठ 45

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सिंह, मल्लापुर जिला सीतापुर । राजा जगतसिंह की 'जगतविलास' टीका ।
राजस्थान में हिंदी के हस्तलिखित ग्रंथों की खोज
१५ (प्रथम भाग, १०८) । लिपि०-सं० १७६६ । टीकाकार-कुशलधीर ।
टीका राजस्थानी भाषा में है । प्राप्ति०-सरस्वती-भंडार, उदयपुर ।
१६ (प्रथम भाग, १०९) । पूर्ण । लिपि०-महाराणा शंभुसिंहजी के राज्य-
काल में आरंभ तथा महाराजा सज्जनसिंहजी के राज्यकाल में समाप्त ।
सूरति मिश्र की 'जोरावरप्रकाश' टीका । सचित्र । प्राप्ति०-सज्जन-वाणी-
विलास, उदयपुर ।
१७ (द्वितीय भाग, पृष्ठ १३७) । संस्कृत टीका । टीकाकार-समर्थ । रचनाकाल-
सं० १७५५ । लिपि०-१७६६ । प्राप्ति०-दानसागर भंडार, बीकानेर ।
१८ (तृतीय भाग, ५४) । लिपि० सं० १८२६ । सूरति मिश्र की 'जोरावर-
प्रकाश' टीका । प्राप्ति०-राव मोहनसिंह, उदयपुर ।
सरस्वती-भवन, संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी
१९ (२५६६) । अपूर्ण । लिपि०- × । सरदार कवि की टीका ।
'सभा'-संग्रह
२० (६२६-४४८) । खंडित । सूरति मिश्र और सरदार कवि की टीका से भिन्न ।
२१ (६२५-४४७) । खंडित । लिपि०-सं० १७९१ सूरति मिश्र की 'रसगाहक-
चंद्रिका' टीका ।