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सर्वकोश
रसिकप्रिया (महाकवि केशवदास - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी व्याख्या, नायिका-भेद एवं शृंगार मनोविज्ञान)

रसिकप्रिया (महाकवि केशवदास - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी व्याख्या, नायिका-भेद एवं शृंगार मनोविज्ञान)

Rasikapriya: Nayika Bheda, Shringara Rasa evam Saundarya Manovigyan

महाकवि केशवदास द्वारा

DevanagariHindipublished286 पृष्ठ

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पृष्ठ 44

( ४४ )
३८ (५८२६) । प्राप्ति०-हारवर्ड यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी, कैंब्रिज (१६८६) ।
३६ (५८३०) लिपि०-सं० १७४३ । प्राप्ति० हारवर्ड यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी,
कैंब्रिज (१७०७) ।
४० (५८३१) लिपि०-सं० १८१६ । प्राप्ति०-हारवर्ड यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी,
कैंब्रिज (११६२) ।
रसिकप्रिया-टीका
१ पूर्ण । लिपि०- x । प्राप्ति०-श्रीलक्ष्मीशंकरजी व्यास, दंडपाणि की गली,
वाराणसी । 'रसग्राहकचंद्रिका' सूरति मिश्र की टीका ।
हस्तलिखित हिंदी ग्रंथों का विवरण ( काशी नागरीप्रचारिणी सभा ) ।
२ (०२-२५६) । खंडित । लिपि० सं० १७६४ । प्राप्ति०-जोधपुरराज का
पुस्तकालय ।
३ (०२-२६०) प्राप्ति०-जोधपुरराज का पुस्तकालय ।
४ (०४-५७) । पूर्ण । प्राप्ति०-काशिराज का पुस्तकालय । सरदार कवि
की 'सुखविलासिका' टीका ।
५ (०६-२४३ ए) लिपि०-सं० १८६६ । प्राप्ति०- चरखारीराज का पुस्त-
कालय । सूरति मिश्र की 'रसगाहकचंद्रिका' टीका ।
६ (०६-२४२ डी) । लिपि०-सं० १८८७ । प्राप्ति०-लाला विद्याधर,
होरीपुरा, दतिया । सूरति मिश्र की 'जोरावरप्रकाश' टीका ।
७ (०६-१४७) पूर्ण । प्राप्ति०- उल्लिखित नहीं है । टीकाकार-कासिम,
वाजिद के पुत्र ।
८ (१७-१८६ ए) पूर्ण । लिपि०-सं० १६१८ । प्राप्ति०-रमणलाल हरीचंद
चौधरी, बाजार कोसी (मथुरा) । सूरति मिश्र की 'जोरावरप्रकाश' टीका ।
९ (२३-१७६ एच्) । प्राप्ति० महाराज राजेंद्रबहादुरसिंह, भिनगाराज,
बहराइच ।
१० (२३ १७६ आई) । प्राप्ति०-बा० पद्मबक्ससिंह, लवेदपुर, बहराइच ।
११ (२३-१७६ जे) । खंडित । प्राप्ति०-बा० पद्मबक्ससिंह, लवेदपुर,
बहराइच ।
१२ (२६-४७४ जी) । खंडित । लिपि०-सं० १७६१ । प्राप्ति०-श्रीबलवंत
सिंह । सूरति मिश्र की 'रसगाहकचंद्रिका' टीका ।
१३ (२६-४७४ एफू) । प्राप्ति० श्रीहनुमानसिंह, ग्राम गोधनी, डा० जयतिपुर,
जिला उन्नाव ।
१४ (२६-१६२ ए) । खंडित । लिपि० सं० १८६६ । प्राप्ति०-श्रीमहाराजा प्रकाश-