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रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary

सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished799 पृष्ठ

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सुवर्ण पन्नी का गुण ३६८ | तृतीय मारण ३६०
सुवर्ण पन्नी की प्रयोग विधि ३६८ | चतुर्थ मारण ३६१
सुवर्ण लवण का नाम ३६८ | पञ्चम मारण ३६१
सुवर्ण लवण का निर्माण ३६६ | छठा मारण ३६२
सुवर्ण लवण का गुण ३७० | सातवाँ मारण ३६३
सुवर्ण लवण की मात्रा ३७० | रजत भस्म गुण ३६४
सुवर्ण लवण का प्रयोग क्रम ३७० | विशिष्ट गुण ३६५
सुवर्ण लवण का प्रथम मारण ३७१ | रजत भस्म की मात्रा ३६६
सुवर्ण लवण का द्वितीय मारण ३७२ | रजत भस्म का आमयिक प्रयोग ३६६
सुवर्ण लवण का तृतीय मारण ३७३ | सोरकाम्लीय रजत का निर्माण ३६६
सुवर्ण लवण का चतुर्थ मारण ३७४ | नवसादर बाष्पद्रव निर्माण ४०२
सुवर्ण लवण का पञ्चम मारण ३७४ | नवसादर बाष्पद्रव का गुण ४०३
मृत सुवर्ण का गुण ३७५ | नवसादर बाष्पद्रव का आमयिक
मृत सुवर्ण का विशेष गुण ३७६ | प्रयोग ४०४
सुवर्ण भस्म की मात्रा ३७६ | सोरकाम्लीय रजत का गुण ४०५
सुवर्ण भस्म का आमयिक प्रयोग ३७६ | सोरकाम्लीय रजत द्रव का निर्माण ४०६
षोडश तरङ्ग | आमयिक प्रयोग ४०६
रजत का नाम ३८५ | द्वितीय सोरकाम्लीय रजत द्रव ४०७
ग्राह्य रजत का स्वरूप ३८५ | प्रयोग विधि ४०७
त्याज्य रजत का स्वरूप ३८६ | तृतीय सोरकाम्लीय रजतद्रव ४०७
रजत शोधन का फल ३८६ | प्रयोग विधि ४०८
रजत शोधन का प्रथम प्रकार ३८७ | सप्तदश तरङ्ग
रजत शोधन द्वितीय विधि ३८७ | ताम्र का नाम ४०८
रजत का तृतीय शोधन ३८८ | ग्राह्य ताम्र स्वरूप ४०८
रजत पन्ना का नाम ३८८ | त्याज्य ताम्र स्वरूप ४०६
रजत पन्नी का गुण ३८८ | ताम्र के दो भेद ,,
रजत पन्नी का प्रयोग ३८६ | नेपाल ताम्र का लक्षण ४१०
रजत मारण ३८६ | म्लेच्छ ताम्र का लक्षण ,,
द्वितीय मारण ३६० | ताम्र शोधन का फल ,,