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रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary

सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished799 पृष्ठ

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विषय पृष्ठ | विषय पृष्ठ
स्नुही क्षार का नाम ३४३ | सौवर्चल लवण का गुण ३५४
स्नुही क्षार का गुण ,, | सौवर्चल लवण का निर्माण ३५५
स्नुही क्षार का आमयिक प्रयोग ,, | रोमक लवण का नाम ३५५
पलास क्षार का नाम ३४४ | रोमक लवण का उत्पत्ति स्थान ३५५
पलास क्षार का गुण ,, | रोमक लवण का गुण ३५६
पलास क्षार का आमयिक प्रयोग ३४५ | लवण द्राव का नाम ३५६
चिञ्चा क्षार का नाम ,, | लवण द्राव का निर्माण ३५६
चिञ्चा क्षार का गुण ३४६ | सजल लवण द्राव का निर्माण ३५७
चिञ्चा क्षार का आमयिक प्रयोग ,, | सजल लवण द्राव का गुण ३५८
सैन्धव का नाम ३४७ | सजल लवण द्राव की मात्रा ३५८
सैन्धव का गुण ,, | सजल लवण द्राव का आमयिक
सैन्धव का उत्पत्ति स्थान ३४८ | प्रयोग ३५६
सैन्धव का आमयिक प्रयोग ,, | पञ्चदश तरंग
नारिकेल लवण ,, | धातुओं की संख्या ३६१
नारिकेल लवण का गुण ३४६ | सब धातुओं का सामान्य
नारिकेल लवण का आमयिक | शोधन ३६२
प्रयोग ३५० | द्वितीय शोधन ३६३
अर्क लवण ३५० | धातुओं का सामान्य मारण ३६३
अर्क लवण का गुण ,, | सुवर्ण का नाम ३६३
अर्क लवण का आमयिक | ग्राह्य सुवर्ण का स्वरूप ३६३
प्रयोग ,, | ग्राह्य सुवर्ण का २ रा लक्षण ३६४
सामुद्र लवण का नाम ३५१ | अग्राह्य सुवर्ण का स्वरूप ,,
सामुद्र लवण का गुण ,, | सुवर्ण शुद्धि का प्रयोजन ३६५
सामुद्र लवण का परिचय ,, | सुवर्ण का प्रथम शोधन ,,
विड् लवण का नाम ३५२ | सुवर्ण द्वितीय शोधन प्रकार ,,
विड् लवण का गुण ,, | सुवर्ण तृतीय शोधन ३६६
विड् लवण का १ ला निर्माण ,, | शुद्ध सुवर्ण प्रयोग ३६७
विड् लवण २ रा निर्माण ३५४ | घिसे हुए शुद्ध सुवर्ण का गुण ३६७
सौवर्चल लवण का नाम ,, | सुवर्ण पन्नी का नाम ३६७