रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)
Rasarnava: Tantric Chemistry and Alchemy with Commentary
शिव-पार्वती संवाद (सम्पादक: प्रफुल्लचन्द्र राय एवं हरीशचन्द्र कविराज) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंएकादशः पटलः । १८५
एवं द्वादशवारांस्तु¹ सुध्मातं रञ्जितं² भवेत् ॥ १७६ ॥
तेन पक्वं बीजचूर्णं पारदे पादभागिकम्³ ।
मर्दितं चणकाम्लेन चणाह्नेद्रुतिर्भवेत्⁴ ॥ १७७ ॥
गर्भद्रुतिर्न चेद्देवि⁵ वर्णिकाद्वयगन्धयोः⁶ ।
रक्तसिन्धूद्भवार्कं⁷ टङ्कणानुगपुंखतः⁸ ।
कल्क्रेन लिप्तं पुटितं⁹ वीजं गर्भे द्रुतं¹⁰ भवेत् ॥ १७८ ॥
वीजे पादार्ध¹¹तुल्यांशे जीर्णे वेधं करोति सः ।
दशषोडशभागेन द्वात्रिंशांशेन¹² च क्रमात् ॥ १७९ ॥
संयोज्य त्रिगुणां रीतिं¹³ तारे तारावशेषितैः¹⁴ ।
(1) K reads द्वादशवारैस्तु. M reads द्वादशवारस्तु, which is incorrect.
(2) B reads रजतं. K reads रंजन. (3) B reads पारभागिक. M
reads पारद योजभागिकम्. (4) B has गर्भे द्रुतिर्भवेत्. K has an in-
complete text—चणाह्नेर्भवेत्. (5) गर्भद्रुतिर्भवेद्देवि, a variant in K,
which is partly incorrect. (6) K has वाणकाद्वयगंधयो:. M has
यन्त्रिकागधगन्धयोः. Both seem to be inc. (7) रक्तसिंधूभवालकं, an
incorrect variant in B. सुसैंधवबालार्क, a variant in K. रक्तसिद्धिभयालर्क, a
variant in M. (8) B reads पूङ्खतः. M reads कङ्कणानुग्पुङ्खतः.
(9) M has खल्लेन लिप्तं छुटित, which seems to be inc. (10) B reads
गर्भद्रुतिं. K reads वीजगर्भ द्रुत. M reads बोजगर्भद्रुत. All are gram. inc.
(11) B reads पादार्थ, which is not correct. (12) B reads द्वात्रिं-
शांशिन. (13) The portion beginning from this charana and ending
in मनःशिला (vs. 180 & 181) is wanting in B. M reads त्रिगुण, which is
gram., inc. (14) K reads तारावशेषित.
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