रसगंगाधर (पण्डितराज जगन्नाथ - रसतरङ्गिणी संस्कृत व हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण प्रथम आनन)

रसगंगाधर (पण्डितराज जगन्नाथ - रसतरङ्गिणी संस्कृत व हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण प्रथम आनन)
Rasagangadhara of Panditaraja Jagannatha with Commentary
पण्डितराज जगन्नाथ (टीकाकार: डॉ. श्रीनारायण मिश्र) द्वारा
DevanagariHindipublished414 पृष्ठ
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: त र्का या स - wait, between या and प:
Is it स? Yes, तर्कायासपरिश्रान्तस्वान्तविश्रान्तिदायिनीम्!
Wait, let me look at स: it's a full स, not स्!
तर्कायासपरिश्रान्तस्वान्तविश्रान्तिदायिनीम्
Wait, let me zoom in on स:
Left part: loop and leg of स. Middle: crossbar. Right: vertical stem.
It's a full स!
So it is: तर्कायासपरिश्रान्तस्वान्तविश्रान्तिदायिनीम्
रसगङ्गाधरव्याख्यां कुर्मो रसतरङ्गिणीम् ॥ २ ॥ग्रन्थार्थमात्मसात्कृत्या तरङ्गिण्या यथायथम् ।orग्रन्थार्थमात्मसात्कृत्व्या?- Let's check L12:
ग्रन्थार्थमात्मसात्कृत्यorग्रन्थार्थमात्मसात्कृत्वा?
Letter:कृthenत्वा!
Wait, look atकृत्वा:कृthenत्+वा=त्वा.
Yes! `ग्रन्थार्थ
- Let's check L12: