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सर्वकोश
रसगंगाधर (पण्डितराज जगन्नाथ - रसतरङ्गिणी संस्कृत व हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण प्रथम आनन)

रसगंगाधर (पण्डितराज जगन्नाथ - रसतरङ्गिणी संस्कृत व हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण प्रथम आनन)

Rasagangadhara of Panditaraja Jagannatha with Commentary

पण्डितराज जगन्नाथ (टीकाकार: डॉ. श्रीनारायण मिश्र) द्वारा

DevanagariHindipublished414 पृष्ठ

पृष्ठ 33, कुल 414 में से

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पृष्ठ 33

: त र्का या स - wait, between या and प:
Is it स? Yes, तर्कायासपरिश्रान्तस्वान्तविश्रान्तिदायिनीम्!
Wait, let me look at स: it's a full स, not स्!
तर्कायासपरिश्रान्तस्वान्तविश्रान्तिदायिनीम्
Wait, let me zoom in on स:
Left part: loop and leg of स. Middle: crossbar. Right: vertical stem.
It's a full स!
So it is: तर्कायासपरिश्रान्तस्वान्तविश्रान्तिदायिनीम्

  • रसगङ्गाधरव्याख्यां कुर्मो रसतरङ्गिणीम् ॥ २ ॥
  • ग्रन्थार्थमात्मसात्कृत्या तरङ्गिण्या यथायथम् । or ग्रन्थार्थमात्मसात्कृत्व्या?
    • Let's check L12:
      ग्रन्थार्थमात्मसात्कृत्य or ग्रन्थार्थमात्मसात्कृत्वा?
      Letter: कृ then त्वा!
      Wait, look at कृत्वा: कृ then त् + वा = त्वा.
      Yes! `ग्रन्थार्थ
रसगंगाधर (पण्डितराज जगन्नाथ - रसतरङ्गिणी संस्कृत व हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण प्रथम आनन) · पृष्ठ 33, कुल 414 में से · SarvaKosh