रंगनाथ रामायण (प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय रामायण - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी अनुवाद)
Ranganatha Ramayana: Complete Hindi Translation
रंगनाथ कवि (हिन्दी अनुवादक: अवधेश गुप्त) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंयुद्धकांड ५७७
द्वारा भव्य भोग, परोपकार-बुद्धि, उदात्त विचार, परिपूर्ण शक्ति, राज्य-सुख, निर्मल कीर्ति, नित्य सुख,
धर्मनिष्ठा, दान-पुण्य में अनुरक्ति, चिरायु, स्वास्थ्य तथा अपार ऐश्वर्य प्राप्त होगे । उनके पापो
का क्षय होगा, उन्हें श्रेष्ठ पुत्र लाभ होगा, उनके शत्रु नष्ट होगे और उन्हें धन-धान्य की समृद्धि
सुलभ होगी । उनका जीवन निर्विघ्न रहेगा, घर में लावण्यवती स्त्रियो का अनुराग प्राप्त होगा ।
भाइयो की वृद्धि होगी तथा उनके साथ सुखमय सहजीवन का भाग्य मिलेगा । उनके
घरो में सतत देव-पूजन तथा पितरो की तृप्ति होती रहेगी । यह रामायण मोक्ष-साधक, पाप-
हारक, भव्य, दिव्य तथा शुभप्रद है । विधिवत् इस रामायण की पूजा करने से पुण्य प्राप्त
होगे । इसके रचयिताओ की श्रेष्ठ एव शुभ उन्नति होगी तथा इन्द्र-लोक का निवास प्राप्त
होगा । जबतक कुलपर्वत, समुद्र, सूर्य-चन्द्र, वेद, दिशाएँ, पृथ्वी तथा सभी भुवन सुशोभित
रहेंगे, तबतक यह कथा अक्षय आनन्द-समूह का आगार बनी रहेगी ।
ओं तत्सत् !