रंगनाथ रामायण (प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय रामायण - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी अनुवाद)
Ranganatha Ramayana: Complete Hindi Translation
रंगनाथ कवि (हिन्दी अनुवादक: अवधेश गुप्त) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविषयानुक्रमणी
परिचय १-३
प्रस्तावना ५-६५
बालकांड १-६९
१ देवस्तुति--३, २ ग्रन्थ-रचना का कारण--४, ३ कथा का प्रारम्भ--६,
४ कुश-लव का रामायण-गान--६, ५ पुत्रकामेष्टियज्ञ करने के लिए दशरथ का मन्त्रियो
से परामर्श--६, ६ ऋष्यशृंग का वृत्तान्त--१०, ७ वेश्याओ के साथ ऋष्यशृंग का
रोमपाद के घर आना--१२, ८ दशरथ का यज्ञदीक्षा लेना--१४, ९ रावण के अत्या-
चारो के बारे में ब्रह्मा से देवताओ की शिकायत--१४, १० देवताओ का विष्णु की
स्तुति करना--१५, ११ दशरथ को यज्ञपुरुष का पायस देना--१६, १२ देवताओ को
वानरो के रूप में जन्म लेने के लिए ब्रह्मा की सलाह--१६, १३ श्रीराम आदि का
जन्म--१७, १४ श्रीरामादि का बचपन--१८, १५ विश्वामित्र का आगमन--१८,
१६ यज्ञ की रक्षा के लिए श्रीराम को भेजने के लिए राजा से विश्वामित्र की प्रार्थना--१६,
१७ राम-लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेजने के लिए वसिष्ठ की सम्मति--२०,
१८ विश्वामित्र के साथ राम-लक्ष्मण को भेजना--२१, १६ अनगाश्रम का
वृत्तान्त--२१, २० विश्वामित्र का श्रीरामचन्द्र को ताडका का वृत्तान्त सुनाना--२२,
२१ ताडका का वध--२३, २२ विश्वामित्र का श्रीराम को भृशाश्व-सतान-रूपी शस्त्र
देना--२४, २३ कौशिक का श्रीराम को सिद्धाश्रम का वृत्तात सुनाना--२६, २४
विश्वामित्र का यज्ञ--२६, २५ कौशाबी का वृत्तात-२८, २६ गगा नदी का वृत्तात--३३,
२७ गगावतरण की कथा--३५, २८ अमृत-मथन की कथा--३६, २६ गौतम
के आश्रम का वृत्तात--४२, ३० मिथिला में आगमन--४३, ३१ विश्वामित्र की
शवित का परिचय--४४, ३२ शिव-धनुष का वृत्तात--५३, ३३ शिव-धनुर्भंग--५४,
३४ दशरथ का वशक्रम--५८, ३५ राजा जनक की वशावली--६०, ३६ सीता
और राम का विवाह--६३, ३७ परशुराम का गर्व-भग--६५, ३८ अयोध्या
में प्रवेश--६८ ।
अयोध्याकांड ७१-१२२
१ रामराज्याभिषेक का सकल्प--७३, २ मथरा की कुमत्रणा--७६, ३ कैकेयी
के महल में दशरथ का आगमन--७८, ४ दशरथ से कैकेयी का वर मांगना--८०,